Ara Pakdi Chowk: : आरा के पकड़ी चौक का नाम बदलने पर बवाल, ‘सेवा ज्योति चौक’ के फैसले का विरोध

Ara Pakdi Chowk: आरा के पकड़ी चौक का नाम ‘सेवा ज्योति चौक’ करने की भाजपा की घोषणा के बाद विवाद शुरू हो गया है। स्थानीय लोगों ने नाम बदलने का विरोध किया और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

 Ara Pakdi Chowk

Ara Pakdi Chowk: भोजपुर के आरा शहर में पकड़ी चौक का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति चौक’ किए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भोजपुर भाजपा ने ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली थी। यात्रा के समापन पर पकड़ी चौक का नाम ‘सेवा ज्योति चौक’ करने की घोषणा की गई।


भोजपुर भाजपा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के कई नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें आरा नगर निगम की महापौर इंदु देवी भी मौजूद थीं। यात्रा नागरी प्रचारिणी सभागार से शुरू होकर शहर के अलग-अलग इलाकों से होते हुए पकड़ी चौक पहुंची। यहीं नामकरण की घोषणा की गई।


नाम बदलने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी


नामकरण की घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर इसका विरोध शुरू होने की बात सामने आई है। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि पकड़ी चौक आरा शहर की पुरानी पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में नाम बदलने से पहले स्थानीय लोगों की राय और प्रशासनिक प्रक्रिया को स्पष्ट किया जाना चाहिए।


प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि किसी चौक का नाम बदलने से शहर का विकास कैसे होगा। लोगों ने शहर में सड़क, साफ-सफाई, यातायात और दूसरी बुनियादी सुविधाओं पर काम करने की मांग की। विरोध के दौरान लोगों ने भाजपा और नगर निगम की महापौर के खिलाफ नारेबाजी भी की। स्थानीय लोगों की ओर से महापौर इंदु देवी का पुतला जलाए जाने का दावा भी किया गया है। हालांकि, इस हिस्से की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हो सकी है।


महापौर की भूमिका पर भी उठे सवाल


विवाद के बीच महापौर इंदु देवी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि नामकरण कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी के कारण नगर निगम की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। वहीं, आपके दिए विवरण के मुताबिक महापौर ने वीडियो जारी कर कहा है कि नामकरण में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और वह कार्यक्रम में भाजपा नेत्री के तौर पर शामिल हुई थीं। इस दावे को उनके पक्ष के रूप में देखा जाना चाहिए।


NOC और अनुमति को लेकर सवाल


स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि पकड़ी चौक का नाम बदलने के लिए किस स्तर से अनुमति दी गई और क्या इसके लिए नगर निगम या संबंधित प्रशासनिक विभाग से NOC लिया गया था। फिलहाल उपलब्ध रिपोर्ट में भाजपा की ओर से पकड़ी चौक को ‘सेवा ज्योति चौक’ नाम देने की घोषणा की पुष्टि होती है, लेकिन नाम बदलने की पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया और औपचारिक अधिसूचना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस वजह से फिलहाल इसे नामकरण की घोषणा के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा, न कि यह मान लेना कि चौक का आधिकारिक नाम कानूनी तौर पर बदल चुका है।


भाजपा के सेवा ज्योति अभियान का हिस्सा है कार्यक्रम


पकड़ी चौक का नामकरण भाजपा के ‘सेवा ज्योति’ कार्यक्रम के तहत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर बिहार के कई जिलों में भाजपा की ओर से सेवा ज्योति यात्रा और चौकों के नामकरण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीवान और मधुबनी में भी ऐसे कार्यक्रमों में चौकों का नाम ‘सेवा ज्योति चौक’ करने की जानकारी सामने आई है। आरा में अब यह मामला राजनीतिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर स्थानीय विरोध का मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में नगर निगम और प्रशासन की ओर से नामकरण की औपचारिक प्रक्रिया को लेकर स्थिति साफ होने की उम्मीद है।

रिपोर्टर आशीष कुमार भोजपुर आरा