सारंडा के युवाओं और कारोबारियों को बड़ी राहत: टाटा स्टील की 'विजया-2' माइंस को मिली दोबारा संचालन की अनुमति
Jharkhand News : राज्य सरकार ने देश की दिग्गज स्टील निर्माता कंपनी 'टाटा स्टील' को पिछले नौ महीने से बंद पड़ी 'विजया-2 आयरन ओर माइंस' के दोबारा संचालन की मंजूरी दे दी है.....
N4N Desk : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम अंतर्गत सारंडा क्षेत्र के हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे कारोबारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने देश की प्रतिष्ठित स्टील कंपनी 'टाटा स्टील' को विजया-2 आयरन ओर माइंस (लौह अयस्क खदान) के दोबारा संचालन की आधिकारिक अनुमति दे दी है। सरकार के इस फैसले से पिछले करीब नौ महीने से बंद पड़ी इस खदान में एक बार फिर से खनन कार्य शुरू हो सकेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार
इस प्रमुख खदान के लगभग नौ महीने तक बंद रहने के कारण स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई थीं। अब इसके दोबारा शुरू होने से न केवल ठप पड़ी व्यावसायिक गतिविधियां पटरी पर लौटेंगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। इस फैसले से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हजारों परिवारों की जीविका का संकट दूर होगा।
प्रशासन को मिले जरूरी दिशा-निर्देश
खदान के सफल और नियमानुसार संचालन को लेकर खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को खनन प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कराने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश और गाइडलाइंस जारी कर दी गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर हरी झंडी मिलने के बाद अब खदान में काम शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
383 एकड़ से अधिक भूमि पर होगा खनन
खान निदेशक के इस नए आदेश के बाद घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र (Reserved Forest Area) की कुल 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क (आयरन ओर) के खनन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। टाटा स्टील इस निर्धारित क्षेत्र में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए जल्द ही खनन कार्य को बड़े स्तर पर फिर से बहाल करेगी।
स्थानीय रोजगार और कारोबार में होगा इजाफा
विजया-2 माइंस के चालू होने का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय बेरोजगार युवाओं को मिलेगा, जिन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही, खदान बंद होने से घाटे में चल रहे ट्रक मालिकों और छोटे-मोटे स्थानीय दुकानदारों व कारोबारियों का व्यापार भी फिर से चमक उठेगा। क्षेत्र के लोगों ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए इसे सारंडा के विकास के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है।