पटना के दीघा में जमीन कब्जे पर भारी बवाल: भारी लाव-लश्कर के साथ पहुंचे दो पक्ष, कभी भी गिर सकती हैं लाशें!

पटना के दीघा थाना क्षेत्र के मिथिला कॉलोनी स्थित आम बगीचा के पास एक बड़े भूखंड पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। बताया जाता है कि इस कीमती प्लॉट पर अवैध रूप से कब्जा जमाने के लिए दोनों ही पक्ष अपने साथ भारी लाव-लश्

Patna Digha Land Dispute
पटना मिथिला कॉलोनी जमीन विवाद- फोटो : Reporter

राजधानी पटना के दीघा थाना क्षेत्र के मिथिला कॉलोनी स्थित आम बगीचा के पास एक बड़े भूखंड पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच भारी टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। बताया जाता है कि इस कीमती प्लॉट पर अवैध रूप से कब्जा जमाने के लिए दोनों ही पक्ष अपने साथ भारी लाव-लश्कर लेकर पहुंचे थे। दोनों गुटों के बीच जमीन पर अपनी दावेदारी साबित करने के लिए जमकर जोर-आजमाइश हुई, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।


खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन और इलाके में दहशत

इस विवाद के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में अपराधी तत्व जुटे रहे, जिनके पास वैध अवैध हथियार भी थे। खुलेआम हथियारों के प्रदर्शन और संदिग्ध तत्वों के जमावड़े के कारण स्थानीय निवासियों में भारी भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। डरे-सहमे लोग किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से घबराए हुए हैं और पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।


प्रतिष्ठित दवा व्यवसायी और विवादित प्रॉपर्टी डीलर के तार

इस जमीन विवाद में शामिल दोनों पक्षों के रसूखदार होने की बात सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार, एक पक्ष बोरिंग रोड के एक प्रतिष्ठित दवाखाने के मालिक से जुड़ा हुआ है, जबकि दूसरा पक्ष बेऊर इलाके के एक ऐसे विवादित प्रॉपर्टी डीलर का बताया जा रहा है, जिसके कार्यालय में पहले भी फायरिंग और हत्या जैसी गंभीर वारदातें हो चुकी हैं। अपराधियों के इस बड़े जुटान की भनक लगते ही अब स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया है।


पटना में बढ़ता भूमि माफिया का आतंक और हिंसक टकराव की आशंका

उल्लेखनीय है कि पटना में भूमि माफियाओं का आतंक लगातार पैर पसार रहा है। पिछले एक दशक में जमीन पर अवैध कब्जे और आपसी रंजिश के कारण फायरिंग और हत्या की घटनाओं में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है, जिसमें अब तक सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। दीघा के इस भूखंड पर भी दोनों पक्षों के अड़ियल रुख को देखते हुए कभी भी खूनी संघर्ष हो सकता है, जिसे रोकने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन को समय रहते सख्त और त्वरित कार्रवाई करने की सख्त जरूरत है।