अतिरिक्त वाहन की मांग पर गाड़ी लौटाने का मिला नोटिस, आहत मंत्री जी ने ले लिया यह गजब का फैसला

हेमंत सोरेन सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात सभी 16 पुलिस जवानों और उनके लिए उपलब्ध कराए गए सुरक्षा वाहनों को राज्य सरकार को वापस कर दिया है। यह फैसला उन्होने पुलिस मुख्यालय के द्वारा लिए गए एक निर्णय को लेकर लिया है.

अतिरिक्त वाहन की मांग पर गाड़ी लौटाने का मिला नोटिस, आहत मंत
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर (फाइल फोटो)- फोटो : सोशल मीडिया

N4N Desk : हेमंत सोरेन सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर इन दिनों अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लिए गए एक चौंकाने वाले फैसले के कारण सियासी गलियारों और आम जनता के बीच भारी चर्चा में हैं। मंत्री किशोर ने अपनी सुरक्षा में तैनात सभी 16 पुलिस जवानों और उनके लिए उपलब्ध कराए गए तीन सुरक्षा वाहनों को राज्य सरकार को वापस कर दिया है। इस फैसले के बाद से वे बिना किसी भारी-भरकम सुरक्षा काफिले और तामझाम के ही सामान्य रूप से विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।


डीजीपी को लिखे पत्र से हुआ खुलासा

मंत्री के इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन अब इस फैसले की असली और ठोस वजह सामने आ गई है। मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 29 जून को राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने बताया कि उनकी सुरक्षा में 16 जवान तैनात थे, लेकिन उनके लिए महज तीन गाड़ियां दी गई थीं। इसके चलते सुरक्षाकर्मियों को एक ही वाहन में क्षमता से अधिक संख्या में बैठना पड़ता था, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों ही लिहाज से ठीक नहीं था।


अतिरिक्त गाड़ी मांगने पर मिला नोटिस

पत्र के माध्यम से यह बात भी सामने आई कि मंत्री ने पूर्व में 21 अप्रैल 2026 को जवानों की सहूलियत के लिए एक अतिरिक्त वाहन उपलब्ध कराने का लिखित अनुरोध किया था, ताकि सभी सुरक्षाकर्मी सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से सफर कर सकें। हालांकि, गृह विभाग या पुलिस मुख्यालय द्वारा उनकी इस मांग पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। इसके विपरीत, उन्हें एक और सुरक्षा वाहन वापस करने का नोटिस थमा दिया गया, जिससे आहत होकर मंत्री ने पूरी सुरक्षा ही वापस करने का फैसला लिया।


बिना सुरक्षा खेलगांव पहुंचे मंत्री, लोग हैरान

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया है कि उनका यह फैसला व्यक्तिगत सुरक्षा से ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और विसंगतियों को लेकर है। इसी क्रम में शुक्रवार को वित्त मंत्री बिना किसी सुरक्षा काफिले और पायलट गाड़ी के सीधे रांची के खेलगांव स्थित एक कार्यक्रम में पहुंच गए। उन्हें इस तरह आम नागरिक की तरह अकेले आते देख कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारी और अन्य लोग पूरी तरह हैरान रह गए।


कैबिनेट बैठक के बाद भी दिखा सादगी भरा अंदाज

इससे पहले गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक के बाद भी मंत्रालय में यह मामला पूरी तरह छाया रहा। बैठक समाप्त होने के बाद भी वित्त मंत्री बिना किसी सुरक्षा अमले के मंत्रालय पहुंचे और वहां से अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। हालांकि, तकनीकी रूप से मंत्री आवास पर तैनात गार्ड और स्पेशल ब्रांच के जवानों की ड्यूटी पूरी तरह समाप्त नहीं की गई है और जरूरत पड़ने पर उनकी सेवाएं ली जाती हैं, लेकिन सामान्य दौरों में मंत्री की इस सादगी को लोग सरकारी संसाधनों की बचत से जोड़कर देख रहे हैं।