कांग्रेस प्रत्याशी की हार पर टूटे मंत्री इरफान अंसारी, कहा-'अपनों ने की गद्दारी, धनबल के आगे हारा लोकतंत्र'

झारखंड राज्यसभा चुनाव में पर्याप्त संख्याबल होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद मंत्री इरफान अंसारी ने जहां भाजपा पर तीखा हमला बोला, वहीं उन्होंने अप्रत्यक्ष रुप से भीतरघात किए जाने की बात भी

कांग्रेस प्रत्याशी की हार पर टूटे मंत्री इरफान अंसारी, कहा-'
कांग्रेस प्रत्याशी की हार पर टूटे मंत्री इरफान अंसारी- फोटो : सोशल मीडिया

Ranchi : "यह बंगाल नहीं, झारखंड है..." चुनाव नतीजों से ठीक पहले तक कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की जीत का दावा करने वाले झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर था। वे मीडिया के सामने विपक्षी खेमे में सेंधमारी का तंज कस रहे थे और दावा कर रहे थे कि भाजपा विधायकों ने डर के मारे अपने फोन बंद कर लिए हैं। लेकिन, जब नतीजे सामने आए तो पासा पूरी तरह पलट चुका था। एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी की जीत के बाद इरफान अंसारी के सारे अरमान टूट गए और अब उनका 'मन बेहद भारी' है।


संख्याबल के बावजूद हार से आहत हैं मंत्री

झारखंड राज्यसभा चुनाव में पर्याप्त संख्याबल होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्ष पर छल-कपट और धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि आज मन बहुत भारी है। भारतीय जनता पार्टी ने जनभावनाओं या मुद्दों के दम पर नहीं, बल्कि छल, कपट, साजिश और धनबल की बदौलत यह जीत हासिल की है। हमारे ईमानदार और संघर्षशील प्रत्याशी को हराने के लिए हर मुमकिन हथकंडा अपनाया गया।


'अपनों की गद्दारीपर छलका दर्द

भले ही कांग्रेस इस हार के लिए गठबंधन के सहयोगी दलों (राजद और माले) को कसूरवार ठहरा रही हो, लेकिन इरफान अंसारी ने सीधे तौर पर किसी का नाम न लेते हुए भीतरघात की ओर इशारा किया। उन्होंने इसे 'अपनों की गद्दारी' करार देते हुए कहा कि दुख चुनाव हारने का नहीं, बल्कि अपनों द्वारा विश्वास तोड़े जाने का है। अगर अपनों ने साथ निभाया होता, तो भाजपा कभी नहीं जीत पाती।


बाप बड़ा न भैयासबसे बड़ा रुपैया

इरफान अंसारी ने तंज कसते हुए कहा कि आज के दौर में रिश्ते, भावनाएं, सिद्धांत और लोकतांत्रिक मर्यादाएं सब कुछ पैसे के आगे बौने साबित हो गए हैं। उन्होंने कहा, "भाजपा ने आज 'बाप बड़ा न भैया, सबसे बड़ा रुपैया' की कहावत को सच साबित कर दिया। यह कैसी जीत है जहाँ विश्वास हार गया और रुपया जीत गया?" हालांकि, उन्होंने भरे मन से ही सही, लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विजयी पक्ष को बधाई भी दी।


'मायूस हूंनिराश नहींसंघर्ष जारी रहेगा'

जश्न मना रहे विपक्षी खेमे को आड़े हाथों लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने उम्मीद जताई कि वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। उन्होंने अपने समर्थकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा वक्त का पहिया बदलेगा। "आज वे पटाखे फोड़ रहे हैं, जश्न मना रहे हैं। लेकिन राजनीति में जीत-हार स्थायी नहीं होती। आज उनका दिन है, कल हमारा भी आएगा। हौसला है जिंदा: "घाव गहरे हैं, मन आहत जरूर है, लेकिन मैं निराश नहीं हूँ। संघर्ष ही मेरी पहचान है और जनता मेरा विश्वास।