मोहर्रम पर झारखंड में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 7 कंपनियां संभालेंगी कमान, ड्रोन से होगी निगरानी

झारखंड में मोहर्रम पर्व को शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य को तीन प्रमुख जोन में बांटकर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखने का निर्देश दिया है.

मोहर्रम पर झारखंड में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम: केंद्रीय अर्
(सांकेतिक तस्वीर)- फोटो : सोशल मीडिया

Ranchi : झारखंड में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय ने एक व्यापक सुरक्षा खाका तैयार किया है। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या प्रशासनिक चूक को रोकने के लिए राज्यभर में 16 हजार से अधिक जिला पुलिस व होमगार्ड के जवानों को उतारा जा रहा है। इसके साथ ही, विधि-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 7 अतिरिक्त कंपनियों को भी संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले तत्वों से कड़ाई से निपटा जाएगा।


पलामू, रांची और हजारीबाग सहित तीन प्रमुख जोन में बंटा राज्य, अतिरिक्त बल तैनात

विगत वर्षों में मोहर्रम के दौरान राज्य के कुछ जिलों में सामने आए छिटपुट तनाव और विवादों को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया गया है। पुलिस प्रशासन ने पूरे राज्य को तीन प्रमुख जोन में विभाजित किया है, जिसमें रांची, पलामू और हजारीबाग क्षेत्र को विशेष निगरानी (अतिसंवेदनशील) वाले जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती के साथ-साथ सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) को अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां चौबीसों घंटे विशेष सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


डीजे और भड़काऊ गीतों पर पूर्ण प्रतिबंध, जुलूस मार्गों की होगी वीडियो निगरानी

धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए प्रशासन ने हुड़दंगियों पर लगाम कसने की पूरी तैयारी कर ली है। जुलूस के दौरान भड़काऊ गीतों को बजाने, आपत्तिजनक नारेबाजी करने और निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (डीजे) के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मोहर्रम जुलूसों के लिए पहले से निर्धारित और पारंपरिक मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन कैमरों से आसमान से निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा सभी प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वीडियो विजुअल्स और सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि को रिकॉर्ड किया जाएगा।


सोशल मीडिया पर होगी पैनी नजर, साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर

झारखंड पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली अफवाहों पर पुलिस त्वरित और सख्त एक्शन लेगी। इस बार जमीन के साथ-साथ डिजिटल मोर्चे पर भी सुरक्षा घेरा कड़ा किया गया है। इंटरनेट मीडिया (फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स आदि) पर भ्रामक पोस्ट, फर्जी संदेश या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए पुलिस की विशेष साइबर सेल और खुफिया एजेंसियों (आईबी) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।


शांति समितियों के साथ बैठक और पुलिस गश्ती तेज, शांतिपूर्वक त्योहार मनाने की अपील

सुरक्षा व्यवस्था को व्यावहारिक रूप देने के लिए स्थानीय स्तर पर थानों में शांति समिति के सदस्यों और प्रबुद्ध नागरिकों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। संवेदनशील पॉकेट्स में पुलिस ने फ्लैग मार्च और रूटीन गश्त बढ़ा दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुलिस का मूल उद्देश्य धार्मिक परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखते हुए आम जनता को एक पूरी तरह सुरक्षित माहौल प्रदान करना है, ताकि सभी नागरिक आपसी भाईचारे के साथ इस पर्व को मना सकें।