Bihar Education Department: दो शिक्षक सरकारी सेवा से बर्खास्त, छात्राओं से बदसलूकी और आपत्तिजनक वीडियो मामले में बड़ा एक्शन
Bihar Education Department: छात्राओं से बदसलूकी, आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
Bihar Education Department: छात्राओं से बदसलूकी, आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश के बाद बक्डुसर के मरांव प्रखंड के नथुनी अहिर के डेरा मध्य विद्यालय में तैनात दो शिक्षकों को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय जांच में दोनों शिक्षकों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।बर्खास्त किए गए शिक्षकों की पहचान वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार के रूप में हुई है। विभागीय कार्रवाई के बाद दोनों अब सरकारी सेवा में नहीं रहेंगे। साथ ही उन्हें भविष्य में किसी सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए भी अयोग्य घोषित किया गया है।
छेड़खानी, वीडियो और धमकी के लगे थे आरोप
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया था। दोनों शिक्षकों पर छात्राओं के साथ बदसलूकी और छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने तथा ऑडियो के जरिए धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए थे।शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू की थी। स्कूल परिसर में हंगामे के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई और एक आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई थी।
2 सितंबर को निलंबन, 3 सितंबर को शुरू हुई विभागीय जांच
शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को 2 सितंबर को निलंबित कर दिया था। इसके अगले ही दिन यानी 3 सितंबर को दोनों के खिलाफ आरोप पत्र गठित कर विभागीय जांच शुरू की गई।जांच के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की गई। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट अनुशासनिक प्राधिकार के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों की समीक्षा के बाद दोनों शिक्षकों को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
मंत्री ने डीएम-एसपी को दिए थे कार्रवाई के निर्देश
मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बक्सर के डीएम और एसपी को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस को पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने तथा गिरफ्तारी के बाद मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया था।शिक्षा विभाग की ओर से की गई ताजा कार्रवाई के बाद अब दोनों शिक्षकों की सरकारी सेवा समाप्त हो गई है।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं: शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षक-छात्र मर्यादा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।फिलहाल पुलिस स्तर पर दर्ज मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अलग से जारी है। शिक्षा विभाग की कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि विभागीय स्तर पर भी ऐसे मामलों में आरोपों की जांच के बाद नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।