Premanand ji Maharaj : वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के फ्लैट में लगी भीषण आग, सेवादारों ने किया हाई वोल्टेज ड्रामा

Premanand ji Maharaj : वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के फ्लैट
प्रेमानंद महाराज के फ़्लैट में लगी आग - फोटो : SOCIAL MEDIA

VRINDAVAN : धर्म नगरी वृंदावन के छटीकरा मार्ग स्थित 'श्रीकृष्ण शरणम् सोसाइटी' में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज के फ्लैट नंबर 212 में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते फ्लैट से धुएं के काले गुबार और आग की लपटें निकलने लगीं, जिसे देख सोसाइटी के निवासी और महाराज के अनुयायी मदद के लिए दौड़ पड़े। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही समय में फ्लैट के भीतर रखा सारा कीमती सामान जलकर राख हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुँच गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया और इसे आसपास के अन्य फ्लैटों में फैलने से रोका। राहत की बात यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, प्रेमानंद महाराज वहां मौजूद नहीं थे। वे पिछले एक महीने से 'श्री राधाहित कैलिकुंज' में निवास कर रहे हैं, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।

आग बुझाने के अभियान के दौरान मौके पर भारी तनाव की स्थिति देखी गई। आरोप है कि महाराज के सेवादारों ने वहां कवरेज के लिए पहुँचे मीडियाकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ बेहद अभद्र व्यवहार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सेवादार आग की रिकॉर्डिंग कर रहे लोगों को जबरन रोक रहे थे और इस दौरान उन्होंने कई लोगों के मोबाइल फोन भी छीन लिए। सेवादारों के इस अड़ियल रवैये के कारण बचाव कार्य में भी बाधा उत्पन्न हुई।

सेवादारों द्वारा पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारियों से की गई धक्का-मुक्की ने स्थानीय लोगों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब वे और प्रशासन आग बुझाने में सहयोग कर रहे थे, तब सेवादारों का ऐसा हिंसक व्यवहार समझ से परे था। इस घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक तनाव व्याप्त रहा और स्थानीय निवासियों ने बदसलूकी करने वाले सेवादारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है।

फिलहाल, दमकल विभाग ने पूरे मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है ताकि आग लगने के कारणों की पुष्टि की जा सके। वहीं, पुलिस प्रशासन सेवादारों पर लगे अभद्रता और मोबाइल छीनने के आरोपों की भी पड़ताल कर रहा है। महाराज के अनुयायियों और स्थानीय नागरिकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस हंगामे और सुरक्षा चूक को लेकर क्या कदम उठाता है।