साहब की 'काली कमाई' का कच्चा चिट्ठा: 21 प्लॉट और भारी बैंक बैलेंस; निगरानी के हत्थे चढ़ा भ्रष्टाचार का खिलाड़ी BDO
सीतामढ़ी के सुरसंड BDO कृष्णा राम के ठिकानों पर निगरानी विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की है। 21 जगहों पर जमीन और भारी बैंक निवेश के दस्तावेज मिलने की खबर है।
Sitamarhi/motihari : भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत बिहार निगरानी विभाग ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई की है। सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) कृष्णा राम के विभिन्न ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) अर्जित करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है।
एक साथ कई ठिकानों पर दबिश
न्यायालय से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर निगरानी की विशेष टीमों ने बीडीओ के सीतामढ़ी स्थित सरकारी आवास और पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) स्थित निजी ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। जानकारी के अनुसार, टीम उनके पैतृक गांव टिकैता (थाना तुरकौलिया), पिपराकोठी प्रखंड स्थित आवास और मोतिहारी शहर के राजा बाजार स्थित किराए के मकान में गहन तलाशी ले रही है। टीम का मुख्य फोकस अवैध संपत्ति से जुड़े निवेश और जमीन के दस्तावेजों को खंगालना है।
21 जगहों पर जमीन और भारी निवेश का शक
सूत्रों के मुताबिक, निगरानी विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि बीडीओ कृष्णा राम ने पद का दुरुपयोग करते हुए अकूत संपत्ति जमा की है। जांच में यह बात सामने आई है कि उन्होंने 21 अलग-अलग स्थानों पर जमीन की खरीदारी की है। इसके अलावा, विभिन्न बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य स्कीमों में भारी निवेश के प्रमाण भी मिले हैं। इसी पुख्ता जानकारी के आधार पर 5 मार्च को निगरानी थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
BDO की सफाई: "अपडेटेड रिटर्न नहीं देखा गया"
छापेमारी के बीच बीडीओ कृष्णा राम ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि निगरानी विभाग की यह कार्रवाई उनके पुराने आय विवरणी (Income Return) पर आधारित है। उनका दावा है कि यदि सरकार को दिए गए उनके 'अपडेटेड रिटर्न' की जांच की जाती, तो आय से अधिक संपत्ति का यह मामला ही नहीं बनता। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को तकनीकी विसंगति करार दिया है।
जांच के बाद होगा बड़ा खुलासा
फिलहाल निगरानी विभाग के अधिकारी दस्तावेजों की मिलान और जब्ती सूची बनाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि छापेमारी अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक रूप से यह बताया जा सकेगा कि कुल कितनी चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।