8th Pay Commission: खत्म होगी पुरानी स्कीम! अब इस नए फॉर्मूले से बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी, जानिए पूरी खबर
8th Pay Commission: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। 10 साल के लंबे इंतजार के बाद अब 8वें वेतन आयोग के गठन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ वेतन बढ़ने की नहीं है, बल्कि उस 'द
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशें 18 से 20 महीनों के भीतर लागू हो सकती हैं। इस बीच विभिन्न कर्मचारी संगठनों की ओर से डिमांड लिस्ट सौंपने का सिलसिला जारी है। इन्हीं मांगों में एक अहम मुद्दा केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) से जुड़ा है, जिसे केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मुख्य योजना माना जाता है।
CGHS में क्या हो सकता है बदलाव?
वर्तमान में जिन शहरों में CGHS की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां कर्मचारियों को 1,000 रुपये प्रतिमाह स्वास्थ्य भत्ता दिया जाता है। 25 फरवरी 2026 को हुई National Council (Staff Side) NC-JCM की बैठक में इस राशि को बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई गई। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि मौजूदा भत्ता स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत के मुकाबले बेहद कम है।
क्यों अहम है CGHS का मुद्दा?
CGHS के तहत कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को पैनल अस्पतालों में कैशलेस इलाज, ओपीडी परामर्श, दवाइयां और डायग्नोस्टिक सेवाएं मिलती हैं। हाल के वर्षों में निजी अस्पतालों के पैकेज रेट, महंगी दवाओं और सुपर-स्पेशलिटी इलाज की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आठवां वेतन आयोग महंगाई और वास्तविक खर्च को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य कवर की सीमा और योगदान राशि में संशोधन की सिफारिश कर सकता है।
संभावित सुधार
पैनल अस्पतालों की संख्या बढ़ाने की मांग, पैकेज रेट का नियमित संशोधन, स्वास्थ्य लाभों के दायरे का विस्तार, CGHS कार्ड, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और ई-रिफरल सिस्टम को सरल बनाना और बुजुर्ग पेंशनरों के लिए क्रॉनिक बीमारियों, होम-केयर और टेलीमेडिसिन सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की हो रही है। नई वेतन आयोग की सिफारिशों में प्रशासनिक सुधार और टेक्नोलॉजी अपग्रेड का रोडमैप भी शामिल हो सकता है।
पिछले साल हुआ था गठन
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी और नवंबर में समिति का गठन किया गया। फरवरी 2026 में आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिस पर 18 प्रश्नों के माध्यम से हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। अब कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर आयोग की सिफारिशों पर टिकी है, जिनसे वेतन संरचना के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा रही है।