Bhagalpur School: भागलपुर में 56 लाख की ACR बिल्डिंग अधर में! पीएम श्री स्कूल में सुविधाओं का अभाव, बच्चों को झेलनी पड़ रही दिक्कत
Bhagalpur School: भागलपुर के कमलकुंड स्कूल में 56 लाख की बिल्डिंग अधूरी है। यहां शिक्षक और सुविधाओं की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
Bhagalpur School: शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच भागलपुर जिले के इस्माइलपुर प्रखंड स्थित राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय, कमलकुंड की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां 56 लाख रुपये की लागत से बन रही 2 ACR (अतिरिक्त कक्ष) की बिल्डिंग लंबे समय से अधूरी पड़ी है, जिससे विद्यालय में पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
सरकार द्वारा विद्यालयों को अपग्रेड कर पीएम श्री का दर्जा देने और मॉडल स्कूल बनाने की पहल जरूर की गई है, लेकिन इस विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। विभाग ने भले ही इस स्कूल को 10+2 और पीएम श्री विद्यालय का दर्जा दे दिया हो, लेकिन यहां आवश्यक 18 कमरों के बजाय केवल 2 ACR कक्षों का ही निर्माण शुरू हुआ था, जो अब कई महीनों से अधर में लटका हुआ है।
ठेकेदार ने काम बंद कर दिया
विद्यालय में मात्र 4 कमरों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है। ठेकेदार का कहना है कि विभाग द्वारा अब तक किए गए कार्य का भुगतान नहीं मिलने से निर्माण कार्य में देरी हो रही है। प्रधानाध्यापक ब्रजेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में कमरों की भारी कमी है, जिससे पढ़ाई कराने में काफी दिक्कतें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पीएम श्री विद्यालय बनने के बाद उम्मीदें बढ़ी थीं, लेकिन निर्माण कार्य बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
शिक्षकों की कमी बड़ी समस्या
शिक्षकों की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। कक्षा 6 से 8 तक केवल दो शिक्षक हैं, जिनमें से एक को प्रतिनियुक्ति पर दूसरे विद्यालय भेज दिया गया है। वहीं 10+2 स्तर पर केवल फिजिक्स का शिक्षक उपलब्ध है, जबकि केमिस्ट्री और बायोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय में चारदीवारी और मिड-डे मील के लिए किचन शेड का भी अभाव है, जिससे विद्यालय का संचालन प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर, विद्यालय समय के दौरान आसपास प्राइवेट कोचिंग के संचालन से छात्रों की उपस्थिति पर भी असर पड़ रहा है।
पीएम श्री विद्यालय के रूप में चयन
इस विद्यालय का चयन सत्र 2025-26 में पीएम श्री विद्यालय के रूप में हुआ था, लेकिन सुविधाओं की कमी के चलते यह योजना केवल कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है। मौजूदा हालात को देखते हुए “ढाक के तीन पात” वाली कहावत यहां बिल्कुल सटीक बैठती है।
भागलपुर से बालमुकुंद कुमार की रिपोर्ट