Bihar Crime: गिरफ्तारी पर बवाल, पुलिस के दावे पर उठे सवाल, कोर्ट ने रिमांड ठुकराया
Bihar Crime: गिरफ्तारी को लेकर ऐसा बवाल मचा कि पुलिस की कार्रवाई और दावे दोनों सवालों के घेरे में आ गए।...
Bihar Crime: वैशाली जिले में एक यू-ट्यूबर की गिरफ्तारी को लेकर ऐसा बवाल मचा कि पुलिस की कार्रवाई और दावे दोनों सवालों के घेरे में आ गए। हरिलोचनपुर थाना क्षेत्र के अफजलपुर पुरैना गांव में शनिवार देर रात पुलिस द्वारा यू-ट्यूबर कुंदन कुमार को घर से उठाए जाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रात करीब एक बजे सैकड़ों ग्रामीण थाने पहुंच गए और गिरफ्तारी को लेकर विरोध जताने लगे।परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने आधी रात घर पर दबिश दी, लेकिन गिरफ्तारी का कोई वारंट या पंचनामा नहीं दिखाया। परिवार का दावा है कि कार्रवाई का कारण पूछने पर कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट की गई। परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान होने का भी आरोप लगाया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, जब वे कुंदन के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचे तो पुलिस ने शुरुआत में कहा कि उसे पूछताछ के लिए लाया गया है और सुबह परिजनों को बुलाया जाएगा। लेकिन सुबह पुलिस का बयान बदल गया।हरिलोचनपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने दावा किया कि कुंदन को लोडेड देसी कट्टे के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के इस दावे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क गया। परिजनों ने कथित तौर पर कुंदन के अपहरण की आशंका को लेकर लिखित आवेदन देने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि थानाध्यक्ष ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया।
मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब पुलिस कुंदन को रिमांड के लिए हाजीपुर कोर्ट लेकर पहुंची। ग्रामीणों के अनुसार, अदालत ने हथियार बरामदगी से जुड़े पुख्ता साक्ष्य और दस्तावेज पेश करने को कहा।आरोप है कि पुलिस पर्याप्त ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी। इसके बाद अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए रिमांड देने से इनकार कर दिया। हालांकि मामले की न्यायिक कार्यवाही और आदेश की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी पुलिस की कार्रवाई को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। ग्रामीण पूरे मामले को फर्जी कार्रवाई और कथित साजिश बता रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हैं।
मामले को लेकर जब थानाध्यक्ष राकेश कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कुंदन को नियमानुसार न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है और विस्तृत जानकारी लेने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा।फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है। एक तरफ पुलिस अपने दावे पर कायम है, तो दूसरी ओर ग्रामीण कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।अब इस पूरे मामले में असल सच क्या है क्या वाकई हथियार के साथ गिरफ्तारी हुई थी या पुलिस की कार्रवाई पर लगाए जा रहे आरोपों में दम है? इस सवाल का जवाब आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।
रिपोर्ट-ऋषभ कुमार