Bihar Crime: हेरोइन का काला कारोबार बेनकाब, STF की रेड में 33 लाख के माल के साथ 7 तस्कर धराए, बिहार से असम तक फैला नेटवर्क का जाल, जांच में बड़े खुलासे के संकेत

Bihar Crime: मादक पदार्थ के अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह के सात तस्करों को अवैध मादक पदार्थ के साथ बिहार पुलिस के एसटीएफ की विशेष टीम और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में धर-दबोचा गया है।

Vaishali Heroin Racket Busted
नशे का इतना बड़ा नेटवर्क कैसे पनपा?- फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार के वैशाली से नशे के सिंडिकेट पर बड़ा वार हुआ है, जहां एसटीएफ और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई ने मादक पदार्थों के एक खतरनाक नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। सदर थाना क्षेत्र में की गई इस सटीक रेड में अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के सात शातिरों को रंगे हाथ दबोचा गया है। इनके कब्जे से 166 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 33 लाख 20 हजार रुपये आंकी जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई को ऑपरेशन क्लीन का नाम दिया जा रहा है, जिसमें लंबे समय से सक्रिय इस गिरोह की कमर तोड़ दी गई है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान प्रकाश कुमार, नवीन कुमार, आशु कुमार, सचिन कुमार, राहुल कुमार, शिवम कुमार और विकास कुमार के रूप में हुई है। ये सभी वैशाली जिले के बिदुपुर इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं और इलाके में नशे का जाल बिछाने का काम कर रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह बड़े ही सुनियोजित तरीके से मौत के सौदागर बन चुका था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि वे हेरोइन की खेप असम के सिलचर से मंगाते थे और बिहार समेत कई राज्यों में इसकी सप्लाई करते थे। यानी ये कोई छोटा-मोटा धंधा नहीं, बल्कि एक इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क था, जिसकी जड़ें काफी गहरी थीं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस केस में कुल 11 लोगों को नामजद किया गया है। सात की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है। जांच एजेंसियां अब इस गिरोह के फाइनेंशियल लिंक और अन्य कनेक्शन खंगालने में जुट गई हैं, ताकि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

कानून के जानकारों का कहना है कि इस तरह के मामलों में सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं होती, बल्कि नेटवर्क की सप्लाई चेन को तोड़ना सबसे जरूरी होता है। अगर सिलचर से बिहार तक हेरोइन पहुंच रही थी, तो बीच में कई कड़ियां जरूर जुड़ी होंगी, जिनका खुलासा अब जांच का अहम हिस्सा बनेगा।

वैशाली की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि नशे का कारोबार अब छोटे शहरों तक गहरी पैठ बना चुका है। लेकिन STF की इस सर्जिकल स्ट्राइक ने साफ संदेश दे दिया है अब नशे के सौदागरों की खैर नहीं!