Bihar Crime News:वायरल वीडियो ने खोल दी वर्दी की पोल, थाने के चौकीदार के घर से शराब बरामद, शराबबंदी पर उठे बड़े सवाल
Bihar Crime News: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर पुलिस महकमा सवालों के घेरे में आ गया है। ..
Bihar Crime News: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर पुलिस महकमा सवालों के घेरे में आ गया है। सारण जिले के इसुआपुर थाना क्षेत्र से सामने आए एक वायरल वीडियो ने न सिर्फ शराबबंदी की हकीकत पर बहस छेड़ दी है, बल्कि वर्दी की जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वायरल वीडियो में पुलिस टीम कथित तौर पर उसी थाने में तैनात एक चौकीदार के घर छापेमारी कर शराब बरामद करती दिखाई दे रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि गुप्त सूचना मिलने के बाद इसुआपुर थाना पुलिस ने अपने ही थाने में तैनात चौकीदार अमर नाथ कुमार के घर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से कथित तौर पर शराब बरामद हुई। इसी कार्रवाई का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद लोग यह सवाल उठाने लगे कि जब कानून लागू कराने वाली व्यवस्था से जुड़े लोगों पर ही शराब रखने के आरोप लग रहे हैं, तो शराबबंदी की सख्ती पर जनता कैसे भरोसा करे।
वायरल वीडियो के बाद मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंच गया। सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। आरोपी चौकीदार अमर नाथ कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, दारोगा हीरा कुमार पासवान के लिखित आवेदन के आधार पर स्थानीय थाने में बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।पुलिस अब केवल बरामद शराब तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लाई गई, इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका क्या रही। इसके साथ ही वायरल वीडियो की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है तथा उसे सार्वजनिक करने की परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति विशेष नहीं है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों ने साफ कहा है कि शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस विभाग से जुड़ा कर्मचारी ही क्यों न हो।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पहले से ही बहस चल रही है। ऐसे में पुलिस महकमे से जुड़े एक कर्मचारी के घर से कथित शराब बरामद होने की घटना ने व्यवस्था की साख पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार