Bihar Crime: 27 लाख की नौकरी, खातों में करोड़ों का खेल! भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे शिक्षा विभाग के अफसर पर EOU का शिकंजा, सारण, सिवान और सहरसा में एक साथ छापेमारी से घूसखोरों में हड़कंप
Bihar Crime: 27 लाख की तनख्वाह और करोड़ों का हिसाब… अब EOU की जांच बताएगी कि आखिर यह दौलत कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन से राज छिपे हैं।
Bihar Crime:शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के कथित खेल का बड़ा खुलासा होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने सारण के तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) अजीत अमर हरिजन के खिलाफ शिकंजा कस दिया है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के मामले में EOU की अलग-अलग टीमों ने गुरुवार को बिहार के चार ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई से शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया।EOU की टीम ने सारण, सिवान और सहरसा में एक साथ छापेमारी शुरू की। जांच एजेंसी की नजर डीपीओ के उन ठिकानों पर है, जहां कथित तौर पर अवैध कमाई और संपत्ति से जुड़े अहम राज छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। रेड के दौरान बैंक खातों, जमीन-जायदाद के कागजात, निवेश से जुड़े दस्तावेज और अन्य आर्थिक रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
जिन ठिकानों पर कार्रवाई चल रही है, उनमें सारण जिला मुख्यालय स्थित गंडक कॉलोनी में जिला शिक्षा पदाधिकारी के सरकारी आवास के बगल का पूर्व सरकारी मकान, सिवान जिले के रानीबारी गांव स्थित पैतृक आवास, सहरसा स्थित शिक्षा विभाग का कार्यालय और शहर में मौजूद निजी आवास शामिल हैं।
32 महीने में 2.5 करोड़ से ज्यादा का संदिग्ध लेन-देन
जांच रिपोर्ट में सामने आए आंकड़ों ने अधिकारियों को भी चौंका दिया है। बताया गया है कि सारण में करीब 32 महीने के कार्यकाल के दौरान डीपीओ अजीत अमर को वेतन के रूप में लगभग 27 लाख 43 हजार रुपये मिले। लेकिन इसी अवधि में उनके और उनकी पत्नी के बैंक खातों में करीब 2 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन दर्ज किया गया।जांच एजेंसियों के मुताबिक, वेतन से कई गुना अधिक रकम का यह आर्थिक प्रवाह आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार की आशंका को मजबूत करता है। अब EOU यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम किन स्रोतों से आई और इसका इस्तेमाल कहां-कहां किया गया।
घूसखोरी और अवैध संपत्ति के आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
करीब एक महीने पहले डीपीओ अजीत अमर के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोपों की जांच शुरू हुई थी। इसके बाद गठित विशेष जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सारण जिलाधिकारी को सौंपी थी। रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन और कथित रूप से अर्जित संपत्तियों का उल्लेख किया गया था।
अब EOU की कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है। टीम बैंक खातों, संपत्ति के दस्तावेजों और वित्तीय नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।27 लाख की तनख्वाह और करोड़ों का हिसाब… अब EOU की जांच बताएगी कि आखिर यह दौलत कहां से आई और इसके पीछे कौन-कौन से राज छिपे हैं।
रिपोर्ट- धर्मेंद्र