'यहाँ ड्रग्स भी आ सकता है'... मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र में व्यवस्थाओं पर भड़कीं राज्यपाल, भाजपा सरकार को ही घेरा

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनकी बातें कुछ लोगों को कड़वी लग सकती हैं, लेकिन कमियों को उजागर करना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन महीने के भीतर सभी खामियां दूर करने का निर्देश दिया

Gorakhpur University
Gorakhpur University- फोटो : news4nation

Governor : भाजपा सरकार में विकास के दावों की सच्चाई पर बड़ा सवाल राज्यपाल ने ही उठा दिया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर खुलकर नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर में मौजूद खामियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र की यह स्थिति है तो दूसरे स्थानों का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका यह संबोधन अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 


दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उनकी बातें कुछ लोगों को कड़वी लग सकती हैं, लेकिन कमियों को उजागर करना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन महीने के भीतर सभी खामियां दूर करने का निर्देश देते हुए कहा कि यह गोरखपुर है, जहां स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विराजमान हैं। ऐसे स्थान पर भी यदि मूलभूत व्यवस्थाओं की कमी है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।


'टिफिन में खाना आएगा तो ड्रग्स भी आएगी'

राज्यपाल ने विशेष रूप से छात्रावासों की व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लड़कियों के छात्रावास में पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि लड़कों के हॉस्टल में मेस नहीं चलती। छात्र बाहर से टिफिन मंगाकर भोजन करने को मजबूर हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि "जब टिफिन में खाना आएगा तो उसमें ड्रग्स भी आ सकती है। टिफिन के जरिए कुछ भी अंदर पहुंच सकता है।" उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल बाहरी टिफिन व्यवस्था पर रोक लगाने और छात्रों के लिए नियमित एवं सुरक्षित भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।


खुद किया निरीक्षण, भोजन के सैंपल साथ ले गईं

राज्यपाल ने बताया कि गोरखपुर प्रवास के दौरान वह स्वयं छात्रावास पहुंचीं और भोजन व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने फूड सैंपल मंगवाकर जांच के लिए सुरक्षित रखवाए। उन्होंने कहा कि वह राज्यपाल होने के साथ-साथ एक मां भी हैं और छात्रों को शुद्ध एवं पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। खराब भोजन से छात्रों के स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर असर पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि भोजन के नमूने वह स्वयं लखनऊ लेकर जा रही हैं ताकि जांच प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या सैंपल बदलने जैसी आशंका न रहे। उन्होंने अपने गुजरात के अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां जांच के लिए भेजे गए सैंपल रास्ते में बदल दिए जाते थे।


बिजली, इंटरनेट, गंदगी और अन्य सुविधाओं पर भी सवाल

आनंदीबेन पटेल ने विश्वविद्यालय परिसर में इंटरनेट की खराब स्थिति, बिजली की समस्या, साफ-सफाई की कमी और छात्रावासों की अन्य अव्यवस्थाओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।


अखिलेश यादव ने साधा निशाना

राज्यपाल के बयान के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि "'गोरखपुर मॉडल' की पोल खोलते-खोलते 'गुजरात मॉडल' की घपलेबाजी भी सामने आ गई। दोनों जगह भाजपा की सरकार है और दोनों जगह भ्रष्टाचार की चर्चा हो रही है। आपसी टकराहट ने डबल इंजन को ट्रबल इंजन बना दिया है।"