पटना एनकाउंटर पर सियासी घमासान! मीसा भारती अस्पताल पहुंचीं, परिजनों का हंगामा, पुलिस लाठीचार्ज के बाद तनाव

मीसा भारती ने सिटी एसपी सेंट्रल चंद्र प्रकाश से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल परिसर में हुए हंगामे और पुलिस लाठीचार्ज को लेकर भी सवाल उठे। परिजन एनकाउंटर को गलत बताते हुए न्यायालय जाने की बात कह रहे हैं।

Patna Police Encounter
Patna Police Encounter - फोटो : news4nation

Bihar News :  पटना में शुक्रवार की सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत के बाद मामला गरमा गया। मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट के पास हुई इस मुठभेड़ को लेकर मृतकों के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। तीनों के शव दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों और समर्थकों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई, पथराव किया गया तथा गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।


मामले की जानकारी मिलने पर राजद सांसद मीसा भारती भी दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचीं। मीसा भारती के अस्पताल पहुंचते ही लोगों ने उन्हें घेर लिया। परिजनों ने उनके सामने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने तीनों को सीने में गोली मारी। कुछ लोगों ने जाति के आधार पर एनकाउंटर किए जाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ये आरोप परिजनों और वहां मौजूद लोगों की ओर से लगाए गए हैं।


मीसा भारती ने पुलिस अधिकारियों से ली जानकारी

मीसा भारती ने सिटी एसपी सेंट्रल चंद्र प्रकाश से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इस दौरान अस्पताल परिसर में हुए हंगामे और पुलिस लाठीचार्ज को लेकर भी सवाल उठे। परिजन एनकाउंटर को गलत बताते हुए न्यायालय जाने की बात कह रहे हैं।


वहीं, सिटी एसपी चंद्र प्रकाश ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह सामान्य पोस्टमॉर्टम नहीं होगा। तीन डॉक्टरों की कमेटी गठित की जाएगी और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि शरीर पर मौजूद एक-एक जख्म की रिकॉर्डिंग की जाएगी। पुलिस ने परिजनों से पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील भी की।


पुलिस का दावा- अपराधियों ने 24 राउंड चलाईं गोलियां

पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। करीब 20 मिनट तक दोनों ओर से गोलीबारी चली। पुलिस का दावा है कि अपराधियों ने 24 राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस की ओर से 18 राउंड गोलियां चलाई गईं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में जयप्रकाश यादव, राजा कुमार उर्फ सूरज और बबलू यादव घायल हो गए। तीनों की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। मुठभेड़ में मनेर थाना प्रभारी रजनीश कुमार के हाथ में भी गोली लगी है। घटनास्थल से एक देशी पिस्टल और दो देशी कट्टा बरामद किए गए हैं।


पुलिस ने तीनों को बताया पेशेवर शूटर

पुलिस के अनुसार, मारे गए तीनों आरोपी पेशेवर अपराधी और सुपारी लेकर हत्या करने वाले शूटर थे। जयप्रकाश यादव वर्ष 1996 से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा था। उसके खिलाफ पटना के अलग-अलग थानों में हत्या और हत्या की कोशिश समेत कई गंभीर मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं, राजा कुमार उर्फ सूरज भी कई वर्षों से आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा था और हत्या के मामलों में आरोपित था। बबलू यादव को भी पुलिस ने पेशेवर अपराधी बताया है, जिसके खिलाफ हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं।


अस्पताल परिसर में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात

तीनों की मौत के बाद करीब तीन घंटे तक अस्पताल परिसर में हंगामा चलता रहा। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को खदेड़कर अस्पताल परिसर खाली कराया। मौके पर सिटी एसपी सेंट्रल चंद्र प्रकाश समेत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए चार थानों की पुलिस और 100 से अधिक जवानों को तैनात किया गया।


फिलहाल इलाके में तनाव बना हुआ है। परिजन पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए न्यायालय जाने की बात कह रहे हैं। वहीं, पुलिस पोस्टमॉर्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों को दर्ज करने की तैयारी में है।