Bihar Property Tax: टैक्स जमा नहीं तो होगी कार्रवाई,पटना नगर निगम ने जारी किया डिमांड नोटिस, कुर्की-जब्ती की तैयारी, हजारों पर कार्रवाई तय

Bihar Property Tax: टैक्स डिफॉल्टरों पर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है, जिससे बकायेदारों में हड़कंप मच गया है।..

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बकायेदारों पर कसा शिकंजा- फोटो : social Media

Bihar Property Tax: पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूली को लेकर बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया है। शहर में टैक्स डिफॉल्टरों पर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है, जिससे बकायेदारों में हड़कंप मच गया है।

निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर के कुल 63,816 प्रॉपर्टी टैक्स होल्डर्स ने अब तक लगभग 65 करोड़ 60 लाख रुपये का टैक्स जमा नहीं किया है। इतनी बड़ी राशि बकाया होने के बाद नगर निगम ने विशेष वसूली अभियान (स्पेशल ड्राइव) शुरू कर दिया है, ताकि राजस्व की भरपाई की जा सके। निगम ने स्पष्ट किया है कि जिन संपत्तिधारकों पर 1 लाख रुपये से अधिक का बकाया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर डिमांड नोटिस भेजा जा रहा है। यह नोटिस अंतिम चेतावनी माना जाएगा। यदि निर्धारित समय सीमा में टैक्स का भुगतान नहीं किया गया, तो कठोर कार्रवाई तय है।

इस कार्रवाई का आधार बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 155 होगी, जिसके तहत नगर निगम को व्यापक अधिकार प्राप्त हैं। इसके अंतर्गत बैंक खाते की कुर्की, संपत्ति की जब्ती, चल और अचल संपत्ति की नीलामी तक की कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक करने की भी तैयारी है, जिससे दबाव और बढ़ेगा।

अंचलवार स्थिति पर नजर डालें तो नूतन राजधानी अंचल में 11,327 लोगों पर करीब 16.65 करोड़ रुपये बकाया है। बांकीपुर अंचल में 7,780 संपत्तिधारकों पर 15.13 करोड़ रुपये की देनदारी दर्ज है। पाटलिपुत्र अंचल में 17,328 लोगों पर 14.88 करोड़ रुपये बकाया हैं, जबकि कंकड़बाग अंचल में 8,959 लोगों पर 8.67 करोड़ रुपये का टैक्स लंबित है। इसी तरह अजीमाबाद अंचल में 11,838 लोगों पर 7.07 करोड़ रुपये और पटना सिटी अंचल में 6,584 लोगों पर 3.17 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज किया गया है। यह आंकड़े साफ बताते हैं कि टैक्स वसूली का बोझ काफी बड़ा है।

निगम ने 685 ऐसे बड़े बकायेदारों की पहचान की है, जिन पर 1 लाख रुपये से अधिक का टैक्स बकाया है। इन सभी को विशेष नोटिस भेजा जा रहा है। इसके अलावा जिन लोगों पर 5,000 रुपये से अधिक बकाया है, उनसे निगम मुख्यालय के कंट्रोल रूम के जरिए संपर्क किया जा रहा है और जल्द भुगतान के लिए दबाव बनाया जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल राजस्व वसूली नहीं, बल्कि सिस्टम को अनुशासित करने की दिशा में एक सख्त कदम है। आने वाले दिनों में अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि बकाया टैक्स की वसूली समय पर पूरी हो सके और शहर के विकास कार्यों में बाधा न आए।