Bihar News: सोशल मीडिया के चक्कर में सड़क पर स्टंट करना पड़ा महंगा, परिवहन विभाग ने कानून का बरसाया डंडा, कर दी बड़ी कार्रवाई

Bihar News: सार्वजनिक सड़क को स्टंट का अखाड़ा बनाकर बाइक से व्हीली और जानलेवा करतब दिखाने का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया।

Nawada Road Stunts for Social Media Turn Costly
सोशल मीडिया के चक्कर में सड़क पर स्टंट करना पड़ा महंगा- फोटो : reporter

Bihar News:बिहार के नवादा में सोशल मीडिया की अदालत में वाहवाही लूटने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। सार्वजनिक सड़क को स्टंट का अखाड़ा बनाकर बाइक से व्हीली और जानलेवा करतब दिखाने का वीडियो जैसे ही वायरल हुआ, जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह कोई मामूली शौक नहीं, बल्कि कानून की खुली अवहेलना और आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ था। वीडियो में दिखी हर हरकत मानो सड़क सुरक्षा पर सीधा हमला थी।

15 जनवरी को सामने आए इस वीडियो ने पुलिस के रडार पर आते ही सायरन बजा दिया। डीएम रवि प्रकाश और एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर कादिरगंज थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए जांच शुरू की। डिजिटल सुराग खंगाले गए, वीडियो का सत्यापन हुआ और आखिरकार स्टंटबाज की पहचान कर ली गई। आरोपी निकला डबलू चौधरी, पिता गोविंद चौधरी, निवासी अंदर बाजार मुस्लिम टोला, कादिरगंज बाजार। बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर BR02BX4301 भी ट्रेस कर लिया गया। यानी सबूत पुख्ता, केस मजबूत।

इसके बाद परिवहन विभाग ने कानून का डंडा घुमाया। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199(a), 184, 194(c) और 194(d) के तहत वाहन स्वामी पर कुल 32 हजार रुपये का भारी जुर्माना ठोका गया। यह जुर्माना सिर्फ रकम नहीं, बल्कि उन युवाओं के लिए चेतावनी है जो लाइक और व्यूज के नशे में कानून को ठेंगा दिखाते हैं।

पुलिस की सख्ती के आगे आरोपी की अकड़ ढीली पड़ गई। युवक ने अपनी गलती कबूल की, लिखित माफीनामा सौंपा और दोबारा ऐसी खतरनाक हरकत न करने की कसम खाई। प्रशासन ने इस माफीनामे को सार्वजनिक कर दिया, ताकि यह दूसरों के लिए इबरतनाक मिसाल बने। संदेश साफ है—गलती की कीमत चुकानी पड़ेगी, चाहे वह कैमरे के सामने की गई हो या सड़क पर।

जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि स्टंट, रफ्तार और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। सड़क कोई शूटिंग लोकेशन नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी का रास्ता है। भविष्य में ऐसे मामलों में और भी सख्त कार्रवाई होगी जब्ती, चालान और कानूनी शिकंजा तय है।

यह पूरा मामला याद दिलाता है कि सोशल मीडिया की सनक में की गई एक गलती किसी की जिंदगी छीन सकती है। असली बहादुरी स्टंट नहीं, बल्कि सुरक्षित सवारी है। कानून की नजर से बचना आसान नहीं, क्योंकि अब हर वीडियो एक सबूत है और हर स्टंट एक जुर्म।

रिपोर्ट- अमन कुमार