इंडिगो में 'इस्तीफा' संकट: 3 लाख यात्रियों की परेशानी और करोड़ों के जुर्माने के बाद CEO पीटर एल्बर्स ने छोड़ा पद

इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने दिसंबर में हुए ऑपरेशनल क्राइसिस और 22.20 करोड़ के जुर्माने के दबाव के बीच इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के एमडी राहुल भाटिया फिलहाल अंतरिम प्रभार संभालेंगे।

इंडिगो में 'इस्तीफा' संकट: 3 लाख यात्रियों की परेशानी और करो

N4N Desk - : देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीटर एल्बर्स ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। पिछले साल दिसंबर में आए गंभीर ऑपरेशनल संकट के ठीक 3 महीने बाद यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में पुष्टि की है कि बोर्ड ने 10 मार्च, 2026 को हुई बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।

दिसंबर का 'फ्लाइट संकट' बना इस्तीफे की वजह

पीटर एल्बर्स का इस्तीफा पिछले साल दिसंबर में हुए उस परिचालन संकट का परिणाम माना जा रहा है, जिसने इंडिगो की साख को हिलाकर रख दिया था। उस दौरान सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण देश भर में लगभग तीन लाख यात्री प्रभावित हुए थे। इस लापरवाही पर विमानन नियामक DGCA ने कड़ा रुख अपनाते हुए इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया था। सितंबर 2022 में कमान संभालने वाले एल्बर्स इस संकट के बाद से लगातार दबाव में थे।

'नोटिस पीरियड माफ करें' – निजी कारणों का दिया हवाला

एल्बर्स ने बोर्ड को लिखे अपने पत्र में इस्तीफे के पीछे 'निजी कारणों' का उल्लेख किया है। उन्होंने बोर्ड से यह विशेष अनुरोध भी किया है कि उनके नोटिस पीरियड को माफ कर दिया जाए और उन्हें तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए। बोर्ड ने उनकी विनती स्वीकार करते हुए उन्हें 10 मार्च, 2026 को ही कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया है।

राहुल भाटिया के हाथों में फिर आई इंडिगो की कमान

कंपनी के नए लीडर की घोषणा होने तक इंडिगो के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राहुल भाटिया को कामकाज का अंतरिम प्रभार सौंपा गया है। बोर्ड के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने बताया कि राहुल भाटिया की वापसी का उद्देश्य कंपनी के वर्क कल्चर को फिर से मजबूत करना और ग्राहकों के बीच 'केयर, ट्रस्ट और प्रोफेशनलिज्म' के भरोसे को फिर से बहाल करना है।

शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक सूचना

इंडिगो ने स्पष्ट किया है कि राहुल भाटिया तब तक मैनेजमेंट का नेतृत्व करेंगे जब तक कंपनी किसी नए CEO की तलाश पूरी नहीं कर लेती। बोर्ड का लक्ष्य ऑपरेशनल एक्सीलेंस को वापस पटरी पर लाना है ताकि भविष्य में दिसंबर जैसी स्थिति दोबारा पैदा न हो। इस खबर के बाद विमानन क्षेत्र और शेयर बाजार में इंडिगो के भविष्य के नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।