Bihar Crime: शराबबंदी के राज में नशे का नंगा नाच, BDO के ड्राइवर ने कानून को दिखाया ठेंगा, साहब बोले-होगी जांच

Bihar Crime: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून 2016 एक बार फिर कटघरे में खड़ा है। ....

Aurangabad Liquor Ban Mocked BDO Driver Caught Drunk Probe O
शराबबंदी के राज में नशे का नंगा नाच- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून 2016 एक बार फिर कटघरे में खड़ा है। वजह है औरंगाबाद जिले के बारुण प्रखंड कार्यालय के सामने का वह वायरल वीडियो, जिसने सरकारी तंत्र की साख पर सवालों की बौछार कर दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में एक सरकारी कर्मी शराब के नशे में धुत नजर आ रहा है गाली-गलौज, हंगामा और खुलेआम बदसलूकी करते हुए। यह मंजर किसी गली-मोहल्ले का नहीं, बल्कि प्रशासनिक दफ्तर के ठीक सामने का बताया जा रहा है। वीडियो की पुष्टि न्यूज4नेशन नहीं करता है।

हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि वीडियो किस तारीख का है, लेकिन जब इसकी तहकीकात की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वीडियो में दिख रहा शख्स बारुण प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित कर्मचारी पंकज कुमार है। आरोप है कि पंकज कुमार न सिर्फ शराब के नशे में सरेआम उत्पात मचाता रहा, बल्कि उसे कई बार बारुण बीडीओ के सरकारी वाहन को चलाते हुए भी देखा गया है।

अब सवाल यह उठता है कि जब शराबबंदी जैसे सख्त कानून के बावजूद सरकारी महकमे से जुड़ा शख्स खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाए, तो आम आदमी से क्या उम्मीद की जाए? यह सिर्फ एक व्यक्ति की करतूत नहीं, बल्कि उस सिस्टम पर भी सवाल है जो ऐसे लोगों को संरक्षण देता है या आंखें मूंदे बैठा रहता है।

वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। आम नागरिकों का कहना है कि शराबबंदी कानून गरीब और आम आदमी के लिए है, जबकि सरकारी तंत्र से जुड़े लोग बेखौफ होकर कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि सिर्फ दिखावटी बयान नहीं, बल्कि सख्त और उदाहरणात्मक कार्रवाई हो।

मामले को लेकर जब बारुण के बीडीओ नीरज कुमार से टेलीफोनिक बातचीत की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि पंकज कुमार प्रखंड कार्यालय का कर्मी है और उससे कभी-कभार वाहन चालक का काम भी लिया जाता है। बीडीओ ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई है।

बहरहाल, यह वीडियो अब सिर्फ एक नशेड़ी कर्मचारी की कहानी नहीं रहा। यह उस शराबबंदी कानून की सच्चाई बयान कर रहा है, जो कागजों में सख्त है लेकिन जमीन पर सवालों के घेरे में। अब देखना यह है कि जांच के नाम पर फाइलें चलेंगी या वाकई किसी पर गाज गिरेगी।

दीनानाथ मौआर का रिपोर्ट