हाजीपुर नगर परिषद सभापति पर शिकंजा: भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति मामले में 5 सदस्यीय जांच टीम गठित
हाजीपुर नगर परिषद की सभापति संगीता कुमारी की मुश्किलें बढ़ सकती है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, अनियमितता और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है....
Vaishali : हाजीपुर नगर परिषद की सभापति संगीता कुमारी पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोपों की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है। तिरहुत प्रक्षेत्र के आयुक्त के कड़े रुख और निर्देश के बाद वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने सहायक समाहर्ता की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। जांच समिति को सात दिनों के भीतर पूरे मामले की गहन पड़ताल कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से नगर परिषद के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।
बेनामी संपत्ति और पीएम आवास योजना के गलत लाभ का आरोप
यह पूरा मामला हाजीपुर नगर परिषद के पूर्व वार्ड सदस्य सुभाष कुमार निराला की शिकायत से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सभापति ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की है और अपने रिश्तेदारों के नाम पर कई बेनामी संपत्तियां खरीदी हैं। इसके अतिरिक्त, अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपनी सास के नाम पर नियम विरुद्ध तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का लाभ दिलाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। पूर्व में शिकायत की अनदेखी किए जाने के बाद आयुक्त के हस्तक्षेप से मामले ने तूल पकड़ा है।
शिकायतकर्ता ने जांच टीम के समक्ष पेश किए साक्ष्य
गठित जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता सुभाष कुमार निराला को साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ तलब किया था। पूर्व वार्ड सदस्य ने जांच समिति के समक्ष उपस्थित होकर आरोपों के समर्थन में संबंधित दस्तावेज और सबूत प्रस्तुत किए हैं। सहायक समाहर्ता के नेतृत्व में टीम द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों, संपत्ति के ब्योरे और योजना के आवंटन से जुड़ी फाइलों का सूक्ष्मता से सत्यापन किया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी विधिक कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच टीम द्वारा नगर परिषद कार्यालय से भी विभिन्न विकास योजनाओं से जुड़ी फाइलें और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड तलब किए गए हैं। यदि जांच समिति की रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो बिहार नगर पालिका अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत पद से बर्खास्तगी और प्राथमिकी दर्ज करने जैसी दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। जांच की आंच में अन्य संबंधित कर्मचारियों के आने की भी संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक रिपोर्ट पर टिकी सभी की निगाहें
शिकायतकर्ता द्वारा साक्ष्य सौंपे जाने के बाद अब सभापति संगीता कुमारी की प्रशासनिक और राजनीतिक मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। सात दिनों की दी गई समयसीमा के भीतर जांच टीम द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, जांच टीम के लगातार सक्रिय रहने और दस्तावेजों की खंगालने की प्रक्रिया से हाजीपुर के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में सरगर्मी चरम पर है।
रिषभ की रिपोर्ट