Bihar Journalists Protest: DM के खिलाफ पत्रकारों का फूटा गुस्सा, CM कार्यक्रम से एंट्री रोकी तो धरने पर उतरा मीडिया,गरमाया माहौल

Bihar Journalists Protest:जिला प्रशासन और पत्रकारों के बीच तल्खी अब खुलकर सामने आ गई है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में जिले के पत्रकारों को जाने से कथित तौर पर रोके जाने के बाद पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा...

Bihar Journalists Protest
DM के खिलाफ पत्रकारों का फूटा गुस्सा- फोटो : reporter

Bihar Journalists Protest:वैशाली में जिला प्रशासन और पत्रकारों के बीच तल्खी अब खुलकर सामने आ गई है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में जिले के पत्रकारों को जाने से कथित तौर पर रोके जाने के बाद पत्रकारों का गुस्सा फूट पड़ा। नाराज पत्रकारों ने जिलाधिकारी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन के रवैये पर सवाल खड़े किए।पत्रकारों का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से लंबे समय से उनकी अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि किसी महत्वपूर्ण खबर या प्रशासनिक मामले पर जानकारी लेने के लिए जब जिलाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की जाती है तो बातचीत नहीं हो पाती। पत्रकारों के मुताबिक जिलाधिकारी फोन भी नहीं उठाते और कई मामलों में मीडिया को आवश्यक जानकारी से दूर रखा जाता है।

CM के कार्यक्रम में जाने से रोके जाने पर बढ़ा गुस्सा

विवाद की ताजा चिंगारी मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर भड़की। पत्रकारों के अनुसार जिला प्रशासन के आदेश पर जिले के पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल पर जाने से मना कर दिया गया। इसके बाद मीडिया कर्मियों में नाराजगी और बढ़ गई।

पत्रकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जिले से जुड़ा महत्वपूर्ण सरकारी आयोजन है। ऐसे कार्यक्रमों की कवरेज करना पत्रकारों के पेशेवर दायित्व का हिस्सा है। ऐसे में पत्रकारों को कार्यक्रम से दूर रखने के फैसले ने उनके बीच असंतोष को और हवा दे दी।

‘फोन नहीं उठाते, कार्यक्रम की जानकारी भी नहीं देते’

धरने पर बैठे पत्रकारों ने जिलाधिकारी के कामकाज के तरीके को लेकर कई आरोप लगाए। उनका कहना है कि आए दिन खबरों से संबंधित जानकारी लेने के लिए प्रशासन से संपर्क करने में परेशानी होती है। पत्रकारों के मुताबिक जिलाधिकारी से बातचीत करने से मना कर दिया जाता है और फोन का जवाब भी नहीं मिलता।

मीडिया कर्मियों का आरोप है कि जिलाधिकारी के कार्यक्रमों की जानकारी भी पत्रकारों को समय पर नहीं दी जाती। इससे समाचार कवरेज प्रभावित होती है और प्रशासन तथा मीडिया के बीच संवाद की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।

सम्मान और पेशे के साथ खिलवाड़ का आरोप

पत्रकारों ने कहा कि वे प्रशासन से किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने पेशे के मुताबिक सूचना और संवाद का अधिकार चाहते हैं। उनका आरोप है कि जिस तरह से पत्रकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है, उससे उनके सम्मान और पेशे की गरिमा प्रभावित हो रही है।

धरनारत पत्रकारों ने साफ किया कि उनका विरोध किसी व्यक्तिगत रंजिश के कारण नहीं, बल्कि जिला प्रशासन के कथित रवैये के खिलाफ है। उनका कहना है कि जब तक उनकी शिकायतों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक विरोध जारी रह सकता है।फिलहाल वैशाली में पत्रकारों के धरने ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मीडिया की एंट्री से शुरू हुआ विवाद अब जिलाधिकारी और पत्रकारों के बीच संवादहीनता के बड़े मुद्दे में तब्दील होता दिख रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि जिला प्रशासन पत्रकारों की शिकायतों पर क्या जवाब देता है और विवाद को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार