चार सूत्री मांगों को लेकर सुपौल में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, उग्र आंदोलन की चेतावनी

चार सूत्री मांगों को लेकर सुपौल में युवा कांग्रेस का प्रदर्श
चार सूत्री मांगों को लेकर युवा कांग्रेस का प्रदर्शन- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जनहित से जुड़ी चार सूत्री मांगों को लेकर युवा कांग्रेस के बिहार प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार झा के नेतृत्व में सुपौल कलेक्ट्रेट गेट के सामने एक दिवसीय प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए आम जनता की समस्याओं के शीघ्र समाधान की अपील की। युवा कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में उग्र जन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जवाबदेही प्रशासन की होगी।


भूमिहीन परिवारों को जमीन का पर्चा देने की मांग 

प्रदर्शन के दौरान सुपौल सदर प्रखंड की एकमा पंचायत सहित जिले की सभी पंचायतों के भूमिहीन व बेघर परिवारों को तुरंत सरकारी जमीन का पर्चा उपलब्ध कराने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया। लक्ष्मण कुमार झा ने कहा कि 15 अगस्त के अवसर पर कुछ ही परिवारों को पर्चा दिया गया, जबकि बड़ी संख्या में पात्र लोग आज भी अपने अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सभी जरूरतमंद परिवारों को बिना किसी भेदभाव के जमीन का पर्चा देने की मांग की।


महिलाओं को 2 लाख सहायता और पेंशन बढ़ाने का मुद्दा 

युवा कांग्रेस ने राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के स्वरोजगार के लिए घोषित 2 लाख तक की सहायता राशि का वास्तविक भुगतान अविलंब शुरू करने की मांग उठाई। इसके साथ ही बढ़ती महंगाई को देखते हुए वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगजन पेंशन की राशि को बढ़ाकर 3,000 से 4,000 प्रतिमाह करने पर जोर दिया गया। नेताओं का कहना था कि सहायता राशि मिलने से महिलाएं रोजगार पा सकेंगी और पेंशन वृद्धि से बुजुर्गों व दिव्यांगों को सम्मानजनक जीवन का आर्थिक सहारा मिलेगा।


जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण और जलजमाव से मुक्ति की मांग 

प्रदर्शन के दौरान सदर प्रखंड की बरूआरी, परसरमा-परसौनी, गोठ बरूआरी, बलहा, बेरो और एकमा पंचायत की खस्ताहाल सड़कों व जलजमाव की गंभीर समस्या पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया। वक्ताओं ने कहा कि जर्जर सड़कों और नाला निर्माण न होने से ग्रामीणों का आवागमन बेहद बाधित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों की निष्पक्ष जांच कराकर नाला युक्त पक्की सड़कों का जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।


मांगे पूरी न होने पर बड़े आंदोलन का ऐलान 

आंदोलन को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव ने कहा कि उनकी चारों मांगें भूमिहीन परिवारों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम जनता के व्यापक हित से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज दबाने के लिए चाहे मुकदमा दर्ज हो या गिरफ्तारी दी जाए, कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से समय रहते सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की और मांगें न माने जाने पर राज्यव्यापी आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी दी।

विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट