बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ की सुपौल जिला इकाई का गठन, सुमन कुमार बने जिलाध्यक्ष
Supaul : बिहार विद्यालय अध्यापक महासंघ की सुपौल जिला इकाई का विधिवत गठन को लेकर शहर के गौरवगढ़ स्थित सार्थक प्राइमरी एकेडमी में आयोजित बीपीएससी से नियुक्त शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक में किया गया। बैठक के दौरान जिले में संगठन की मजबूती, शिक्षकों की ज्वलंत समस्याओं, अधिकारों तथा विभिन्न मांगों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संरक्षक राजन चमन ने की, जिसमें जिले भर से आए शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए संगठन और एकजुटता पर जोर
इस सांगठनिक बैठक में सहरसा के जिलाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार एवं प्रदेश सचिव इंद्र नयन झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत संगठन और आपसी एकजुटता की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि शिक्षकों की प्रशासनिक व विभागीय समस्याओं को उचित मंच तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए संगठित और अनुशासित प्रयास अत्यंत आवश्यक है।
सर्वसम्मति से जिला कार्यकारिणी की घोषणा
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से महासंघ की सुपौल जिला कार्यकारिणी का चुनाव किया गया। इसमें सुमन कुमार को जिलाध्यक्ष, अम्बेडकर कुमार को महासचिव और विभूति कुमार को कोषाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसके अतिरिक्त प्रदीप कुमार को सचिव पद का प्रभार दिया गया, जबकि चौधरी देवी लाल, दिनेश कुमार दिनकर, भवेश कुमार और काजल कुमारी को उपाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।
अन्य पदों पर पदाधिकारियों का मनोनयन
संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाने के लिए शंकर कुमार मिश्रा को संगठन मंत्री, माधव रंजन को मीडिया प्रभारी तथा मो. इकबाल को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया। इसके अलावा अमित आनंद और अमिता मिनम को संगठन का अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त किया गया। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को माला पहनाकर बधाई दी गई और उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ दायित्व निभाने की बात कही।
शिक्षक हितों और अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष का संकल्प
नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष सुमन कुमार और महासचिव अम्बेडकर कुमार ने कहा कि संगठन जिले के सभी शिक्षकों के साथ हर परिस्थिति में मजबूती से खड़ा रहेगा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान, अधिकार और हित ही कार्यकारिणी की पहली प्राथमिकता होगी। बैठक के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने महासंघ की एकता को अक्षुण्ण रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
विनय कुमार मिश्रा की रिपोर्ट