बिहार सरकार के 1432 करोड़ वाले थाली टेंडर में खेल! चहेती कंपनी को फायदा पहुंचाने पर खुलासा करने के दावे से हड़कंप

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने बिहार में बच्चों के पोषण से जुड़े 1,432 करोड़ के टेंडर में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है।10 लाख की बैंक गारंटी को बढ़ाकर सीधे 28.64 करोड़ कर दिया गया और 100 करोड़ के टर्नओवर की शर्त जोड़ दी

बिहार सरकार के 1432 करोड़ वाले थाली टेंडर में खेल! चहेती कंपन

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बिहार में बच्चों के पोषण से जुड़े टेंडर को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "भाजपा राज में टेंडर कैसे होता है, देखिए। बिहार के बच्चों के पोषण के लिए आवंटित 1,432 करोड़ रुपए का टेंडर 'भाजपा स्टाइल' में जारी किया जा रहा है। पहले 10 लाख रुपए की बैंक गारंटी बढ़ाकर 28.64 करोड़ रुपए कर दी गई। फिर 100 करोड़ रुपए के टर्नओवर की शर्त जोड़ दी गई। उसके बाद 15,000 मीट्रिक टन आपूर्ति के अनुभव की शर्त लगा दी गई।"


उन्होंने सवाल उठाया कि बार-बार शर्तें बदलकर किसे फायदा पहुंचाया जा रहा है। सिसोदिया ने लिखा, "बार-बार शर्तें बदलकर आखिर किसे बाहर किया जा रहा है और किसके लिए रास्ता बनाया जा रहा है? सवाल है- यह टेंडर निकाला गया है या किसी चहेती कंपनी के नाप का सूट सिलवाया गया है।"


'आप' नेता ने केंद्रीय जांच एजेंसियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, "इतने बड़े खेल पर न ईडी पूछेगी, न सीबीआई, न विजिलेंस क्योंकि सरकार भाजपा की है। बिहार के बच्चों की थाली के 1,432 करोड़ रुपए पर आखिर किसकी नजर है?"


सिसोदिया के अनुसार, बिहार सरकार ने बच्चों के पोषण योजना के लिए 1432 करोड़ रुपए का टेंडर निकाला है लेकिन उसमें ऐसी शर्तें जोड़ी गई हैं जिससे छोटी कंपनियां या स्थानीय सप्लायर बाहर हो जाएं। पहले बैंक गारंटी 10 लाख रुपए थी, जिसे बढ़ाकर सीधे 28.64 करोड़ रुपए कर दिया गया। इसके बाद 100 करोड़ रुपए के टर्नओवर की शर्त और 15 हजार मीट्रिक टन सप्लाई के अनुभव की शर्त जोड़ दी गई।


सिसोदिया का आरोप है कि इस तरह की शर्तें लगाकर टेंडर को किसी खास कंपनी के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार के बच्चों के पोषण के पैसे पर भ्रष्टाचार हो रहा है और इसकी जांच होनी चाहिए।