सुपौल में भीषण गर्मी का कहर: स्कूल में चेतना सत्र के बाद 4 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत, एक अस्पताल में भर्ती
जिले में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी और उमस का सीधा असर अब स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। आज निर्मली नगर स्थित कन्या मध्य विद्यालय में सुबह के चेतना सत्र के बाद उमस भरी गर्मी से अचानक चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई...
Supaul : जिले में इन दिनों पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी और उमस का सीधा असर अब स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है। निर्मली नगर स्थित कन्या मध्य विद्यालय में शनिवार को एक बड़ी घटना सामने आई, जहां सुबह के चेतना सत्र (प्रार्थना सभा) के बाद अचानक चार छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होने ही वाली थी कि छात्राओं को तेज चक्कर आने, घबराहट और अत्यधिक कमजोरी की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते स्कूल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया।
शिक्षकों की तत्परता से मिला प्राथमिक उपचार
छात्राओं की हालत बिगड़ती देख विद्यालय प्रशासन और वहां मौजूद शिक्षकों ने तुरंत तत्परता दिखाई। शिक्षकों ने बिना वक्त गंवाए सभी प्रभावित छात्राओं को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई और उन्हें हवादार स्थान पर लिटाया। हालांकि, इनमें से एक छात्रा की स्थिति ज्यादा खराब होने के कारण उसे तुरंत नजदीकी नर्सिंग होम में ले जाकर भर्ती कराया गया, जबकि अन्य तीन छात्राओं को प्राथमिक उपचार और आराम देने के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई।
हाजिरी बनने के दौरान हुआ हादसा
घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कन्या मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक बद्री नारायण वर्मा ने बताया कि शनिवार सुबह तय समय पर नियमित रूप से चेतना सत्र का आयोजन किया गया था। प्रार्थना खत्म होने के बाद सभी छात्राएं अनुशासन के साथ अपनी-अपनी कक्षाओं में बैठ चुकी थीं। जब वर्ग शिक्षक उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) में छात्राओं की हाजिरी दर्ज कर रहे थे, ठीक उसी दौरान अचानक चारों छात्राओं का स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ने लगा, जिसके बाद स्कूल प्रशासन तुरंत राहत कार्य में जुट गया।
अस्पताल पहुंचे डरे-सहमे अभिभावक
स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर जैसे ही स्थानीय इलाके में फैली, डरे-सहमे अभिभावक आनन-फानन में स्कूल और अस्पताल की तरफ दौड़ पड़े। नर्सिंग होम के बाहर बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर परिजनों में गहरी चिंता देखी गई। राहत की बात यह रही कि डॉक्टरों द्वारा त्वरित और उचित इलाज किए जाने के बाद भर्ती कराई गई छात्रा की स्थिति अब पूरी तरह स्थिर और सामान्य बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्ची अब खतरे से बाहर है।
भीषण गर्मी और उमस को माना जा रहा कारण
शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टर और स्कूल प्रशासन भीषण गर्मी, चिलचिलाती धूप और उमस को ही छात्राओं की तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण मान रहे हैं। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि पूरी चिकित्सकीय जांच और कुछ समय की निगरानी के बाद ही स्थिति की सटीक वजह स्पष्ट हो पाएगी। इस घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने सतर्कता बरतने की बात कही है और शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य और उनके पीने के पानी की व्यवस्था पर विशेष नजर रखें।
विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट