RJD नेता बैद्यनाथ मेहता ने कटैया चौक हादसे के पीड़ितों से मिलकर जताई संवेदना, शराबबंदी की समीक्षा और सूखे नशे पर सख्त कार्रवाई की मांग

सुपौल जिले में रफ्तार के कहर ने 5 लोगों की जान ले ली। ये सभी सड़क से थोड़ी दूरी पर स्थित भजन-कीर्तन कर रहे थे उसी दौरान तेज रफ्तार कार ने इन्हे कुचल डाला। राजद के वरिष्ठ नेता बैद्यनाथ मेहता ने पीड़ितों से मिल संवेदना जताई है.....

RJD नेता बैद्यनाथ मेहता ने कटैया चौक हादसे के पीड़ितों से मि
कटैया चौक हादसे के पीड़ितों से मिले RJD नेता बैद्यनाथ मेहता - फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले के पिपरा थाना क्षेत्र स्थित कटैया चौक पर कीर्तन-भजन कर रहे श्रद्धालुओं को एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है। टक्कर इतनी भीषण थी कि श्रद्धालुओं को रौंदने के बाद वाहन करीब 50 मीटर दूर जाकर एक मकान में जा घुसा। घटना की जानकारी मिलते ही बुधवार दोपहर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता बैद्यनाथ मेहता घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस घटना को अत्यंत हृदय विदारक करार दिया।


सड़क से दूर भजन कर रहे श्रद्धालुओं को कार ने रौंदा

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बैद्यनाथ मेहता ने हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से बताया कि श्रद्धालु सड़क से काफी दूर बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से भजन-कीर्तन कर रहे थे। इसी दौरान बेकाबू कार ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। आरजेडी नेता ने कहा कि श्रद्धालुओं के सड़क से दूर होने के बावजूद इस प्रकार का हादसा होना प्रशासनिक लापरवाही और अनियंत्रित वाहन चालकों की मनमानी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से पूरे इलाके में शोक की लहर व्याप्त है।


चालक के नशे में होने की आशंकासीमावर्ती इलाकों में नशा तस्करी पर चिंता

हादसे के कारणों पर चर्चा करते हुए बैद्यनाथ मेहता ने चालक के नशे में होने की प्रबल आशंका जताई। उन्होंने कहा कि नेपाल सीमा से सटे होने के कारण इस इलाके में शराबबंदी के बावजूद सूखा नशा और अन्य मादक पदार्थों का चलन तेजी से बढ़ा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध शराब और सूखे नशे की तस्करी खुलेआम हो रही है, जिस पर सरकार और स्थानीय प्रशासन को बिना किसी ढिलाई के कड़े और प्रभावी कदम उठाने की सख्त जरूरत है।


तेज रफ्तार और नशे पर नियंत्रण न होने से बढ़ रही दुर्घटनाएं

आरजेडी नेता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं के कारण सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही और मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया जाएगा, तब तक इस तरह की सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाना संभव नहीं होगा। नशे और तेज रफ्तार का यह संयोजन निर्दोष लोगों की जान ले रहा है।


शराबबंदी नीति के सख्त क्रियान्वयन या पुनर्विचार की मांग

अंत में बैद्यनाथ मेहता ने राज्य सरकार से मांग की कि बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी को जमीनी स्तर पर पूरी सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शराबबंदी को पूरी निष्ठा से लागू करने में विफल हो रही है, तो इस पूरी नीति पर गंभीरता से पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और घायलों को समुचित इलाज देने की भी मांग की।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट