कोसी बराज से 1.31 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज, जलस्तर और कटाव पर प्रशासन व ग्रामीणों की नजर

सुपौल जिले में कोसी नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने एक बार फिर निगरानी बढ़ा दी है।जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,31,340 क्यूसेक पानी में से डाउनस्ट्रीम में 1,27,340 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया...

कोसी बराज से 1.31 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज, जलस्तर और कटाव
कोसी बराज से 1.31 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में कोसी नदी के जलस्तर को लेकर प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने एक बार फिर निगरानी बढ़ा दी है। बुधवार, 26 अगस्त 2026 को शाम छह बजे कोसी बराज से कुल 1,31,340 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। यद्यपि यह स्थिति पिछले दिनों की तुलना में फिलहाल थोड़ी राहत देने वाली मानी जा रही है, लेकिन नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं अभी कम नहीं हुई हैं।


मुख्य और सहायक नहरों में डिस्चार्ज का ब्योरा

जल संसाधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,31,340 क्यूसेक पानी में से डाउनस्ट्रीम में 1,27,340 क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया। इसके अलावा वेस्टर्न कोसी मेन कैनाल (W.K.M.C.) में 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि ईस्टर्न कोसी मेन कैनाल (E.K.M.C.) में डिस्चार्ज पूरी तरह शून्य रहा। वहीं बीरपुर स्थित कोसी बैराज सेक्शन (B.K.S.) में शाम छह बजे 95,450 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रिकॉर्ड किया गया।


जलस्तर के उतार-चढ़ाव से कटाव का खतरा बरकरार

कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण तटवर्ती गांवों में कटाव की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में अचानक वृद्धि बाढ़ की स्थिति पैदा करती है, तो वहीं पानी कम होने पर नदी की तेज धारा किनारों को काटने लगती है। इसी वजह से सुपौल जिले के नदी तटीय इलाकों में बसे लोग बराज से पानी के डिस्चार्ज के आंकड़ों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।


तटवर्ती क्षेत्रों में अलर्ट और प्रशासनिक तैयारी

संवेदनशील स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह से सतर्क हैं। तटवर्ती इलाकों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने, जलस्तर बढ़ने या कटाव होने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नावों का परिचालन, राहत सामग्री और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासनिक प्राथमिकता में शामिल है।


आगामी घंटों के आंकड़ों पर टिकी ग्रामीणों की निगाहें

फिलहाल 26 अगस्त की शाम छह बजे की स्थिति के अनुसार कोसी नदी का प्रवाह नियंत्रण में दिख रहा है। हालांकि, बरसात के मौसम में नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से आने वाले पानी की अनिश्चितता को देखते हुए अगले कुछ घंटों के डिस्चार्ज आंकड़े बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। तटवर्ती इलाकों के निवासी और विभागीय अधिकारी आने वाले बदलावों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट