कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन, ADM आपदा ने मरीचा घाट और मुंगरार के संवेदनशील तटबंधों का किया निरीक्षण

सुपौल जिले में कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़-कटाव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड मे है।सोमवार को ADM मो. तारिक एवं ADMO संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण अधिकारियों को कई निर्देश दिए....

कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन, ADM आ
कोशी में बढ़ते जलस्तर को लेकर प्रशासन अलर्ट- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में कोसी नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़-कटाव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को अपर समाहर्ता-सह-आपदा प्रबंधन (ADM) मो. तारिक एवं सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी (ADMO) ने सुपौल अंचल के अति संवेदनशील इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने बाढ़ सुरक्षा की तैयारियों और तटबंधों की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया।


अति संवेदनशील मरीचा घाट और मुंगरार क्षेत्र का किया गहन मूल्यांकन

निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने सुपौल अंचल के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले 64.95 किलोमीटर स्पर (मरीचा घाट) तथा मुंगरार क्षेत्र का विस्तृत मुआयना किया। कोसी नदी के उफान पर होने से इन दोनों स्थानों पर कटाव और तटबंधों पर दबाव का खतरा सबसे अधिक रहता है। अधिकारियों ने तटबंधों की मजबूती, स्परों की वर्तमान स्थिति, जलप्रवाह की दिशा और आसपास बसे गांवों की सुरक्षा व्यवस्था का गहन मूल्यांकन किया।


ADM का अधिकारियों को कड़ा निर्देश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं

स्थल पर मौजूद अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए एडीएम मो. तारिक ने कहा कि सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील और कमजोर स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में जियो बैग, बालू की बोरियाँ और बोल्डर पहले से स्टॉक करने का आदेश दिया ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्होंने तटबंधों की 24 घंटे लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।


ग्रामीणों से संवाद: अफवाहों पर न दें ध्यान, सूचना तंत्र को करें मजबूत

निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों से भी सीधी बातचीत कर नदी की वर्तमान स्थिति और पिछले वर्षों के अनुभवों की जानकारी ली। एडीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों से बचने और किसी भी आपात स्थिति या कटाव की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को देने की अपील की।


नेपाल के तराई क्षेत्रों में बारिश से बढ़ा कोसी का डिस्चार्ज, राहत दल अलर्ट

उल्लेखनीय है कि नेपाल के तराई इलाकों और बिहार के ऊपरी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कोसी बैराज से पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव टीमों (SDRF/NDRF) को आवश्यक संसाधनों के साथ अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। प्रशासन का मानना है कि समय रहते की गई यह पूर्व तैयारी और मुस्तैदी संभावित आपदा के नुकसान को न्यूनतम करने में मददगार साबित होगी।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट