सुपौल में छात्रों पर लाठीचार्ज और राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में कैंडल मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

सुपौल में युवा कांग्रेस द्वारा छात्रों पर लाठी चार्ज और कांग्रेस नेता के खिलाफ हुई केन्द्र सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के विरोध में कैंडिल मार्च निकाला गया। इस मार्च में सैकड़ो की संख्या छात्र और कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हुए.....

सुपौल में छात्रों पर लाठीचार्ज और राहुल गांधी के खिलाफ कार्र
छात्रों पर लाठी चार्ज के विरोध में कांग्रेस का कैंडिल मार्च- फोटो : विनय कुमार मिश्रा

Supaul : जिले में गुरुवार को युवा कांग्रेस के तत्वावधान में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, मुकदमों और सांसद राहुल गांधी के खिलाफ केंद्र सरकार की कार्रवाई के विरोध में एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार झा के नेतृत्व में निकला यह मार्च शहर के अंबेडकर चौक से शुरू होकर महावीर चौक तक पहुंचा, जहां युवाओं और छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन का आरोप, मुकदमे वापस लेने की मांग

मार्च का नेतृत्व कर रहे युवा कांग्रेस के बिहार प्रदेश सचिव लक्ष्मण कुमार झा ने छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के पूरी तरह विपरीत बताया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज सभी झूठे मुकदमे तुरंत वापस लिए जाएं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से तत्काल हटाया जाए।


राहुल गांधी और युवाओं से सार्वजनिक माफी की मांग

लक्ष्मण कुमार झा ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों, युवाओं और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ लगातार अन्यायी रवैया अपना रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार अपने इस रवैये के लिए छात्रों और राहुल गांधी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।


उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं और छात्रों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप दिया जाएगा।


बड़ी संख्या में शामिल हुए छात्र व युवा

इस कैंडल मार्च में मुख्य रूप से रितु रंजन, रंजीत कुमार यादव, मोहम्मद तौसीफ, उज्ज्वल कुमार, दिवाकर कुमार, रोशन कुमार, संतोष कुमार, शिव ठाकुर, राजन कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र और युवा कार्यकर्ता शामिल रहे।


विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट