Bihar Dulha Dulhan news: सुपौल में नशे में धुत दूल्हे को दुल्हन ने किया शादी से इनकार, गांव में बनी पंचायत, लौटाए गए लाखों रुपये
Bihar Dulha Dulhan news: बिहार के सुपौल जिले में शादी के मंडप पर दुल्हन ने नशे में पहुंचे दूल्हे से विवाह करने से इनकार कर दिया। मामला पंचायत तक पहुंचा, उपहार और नकद लौटाए गए।
Bihar Dulha Dulhan news: बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ते हुए महिला आत्मसम्मान और सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल पेश की है। त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के मिरजावा पंचायत में आयोजित एक शादी समारोह उस समय विवाद में बदल गया, जब दुल्हन ने ऐन मौके पर दूल्हे के साथ सात फेरे लेने से साफ इनकार कर दिया। वजह न तो दहेज थी और न ही पारिवारिक विवाद, बल्कि दूल्हे का नशे की हालत में मंडप तक पहुंचना था।
मिरजावा पंचायत के वार्ड नंबर 15 स्थित ठाकुर टोला में बुधवार की रात नेहा कुमारी की शादी कटिहार जिले के फलका निवासी राजेश कुमार से तय थी। बारात गाजे-बाजे के साथ पहुंची, स्वागत-सत्कार हुआ और शुरुआती रस्में सामान्य रूप से संपन्न हो रही थीं। माहौल पूरी तरह उत्सव का था, लेकिन जैसे ही वरमाला की रस्म के लिए दूल्हे को स्टेज पर लाया गया, स्थिति अचानक बदल गई।
नशे की हालत में लड़खड़ाता नजर आया दूल्हा
स्टेज पर पहुंचते ही दूल्हा राजेश कुमार नशे की हालत में लड़खड़ाता नजर आया। वह खुद को संभाल पाने की स्थिति में नहीं था और उसकी हरकतें असामान्य थीं। यह सब देखकर दुल्हन नेहा कुमारी ने तुरंत शादी से इनकार कर दिया। उसने साफ शब्दों में कहा कि वह अपना भविष्य ऐसे व्यक्ति के साथ नहीं जोड़ सकती, जो अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिन पर नशे में धुत होकर आया हो।
दुल्हन के फैसले से बाराती और घराती दोनों पक्ष हैरान
दुल्हन के इस फैसले से बाराती और घराती दोनों पक्ष हैरान रह गए। हालांकि, लड़की पक्ष के परिजनों और गांव के लोगों ने नेहा के साहसिक निर्णय का पूरा समर्थन किया और शादी की सभी रस्में वहीं रोक दी गईं। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। अधिकतर बाराती चुपचाप वहां से चले गए, लेकिन ग्रामीणों ने दूल्हा राजेश कुमार, उसके पिता विलास ठाकुर और बारात में आई गाड़ियों को रोक लिया।
लड़की पक्ष का विचार
लड़की पक्ष का कहना था कि शादी की तैयारी, तिलक, उपहार और अन्य व्यवस्थाओं में लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। जब तक यह राशि वापस नहीं की जाती, तब तक दूल्हा पक्ष को छोड़ा नहीं जाएगा। इसके बाद पूरी रात और अगले दिन गुरुवार की शाम तक पंचायत और आपसी बातचीत का दौर चलता रहा। आखिरकार दूल्हा पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार की और शादी में मिले नकद, उपहार और अन्य खर्च की भरपाई करने पर सहमति जताई। जब पूरा हिसाब-किताब चुका दिया गया, तब जाकर ग्रामीणों ने दूल्हे और उसके पिता को रिहा किया। इस तरह बिना पुलिस हस्तक्षेप के गांव स्तर पर ही मामला सुलझा लिया गया।
पुलिस को नहीं दी गई सूचना
हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद स्थानीय पुलिस को इसकी कोई सूचना नहीं मिली। त्रिवेणीगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि इस संबंध में किसी भी पक्ष से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस की जानकारी के बिना ही पंचायत के माध्यम से विवाद का निपटारा कर लिया गया।