बिहार के इकलौते टाइगर रिजर्व को मिलेगी हवाई कनेक्टिविटी; टर्मिनल और एटीसी टावर निर्माण के लिए इतने करोड़ का टेंडर जारी
वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे को आधुनिक बनाने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। 38.64 करोड़ रुपये की लागत से टर्मिनल और एटीसी टावर का निर्माण होगा, जबकि 12 एकड़ अतिरिक्त भूमि के लिए अंचल प्रशासन ने सर्वेक्षण शुरू कर दिया
Patna - बिहार के इकलौते टाइगर रिजर्व के लिए प्रसिद्ध वाल्मीकिनगर को अब हवाई संपर्क की नई सौगात मिलने वाली है। हवाई अड्डे के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। नागरिक विमानन विभाग ने एयरपोर्ट के उन्नयन के लिए 38.64 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर जारी कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य वाल्मीकिनगर को सीधे हवाई मार्ग से जोड़ना है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी यह क्षेत्र अधिक सशक्त होगा।
आधुनिक बुनियादी ढांचे का होगा निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हवाई अड्डे पर विश्वस्तरीय सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा। जारी किए गए टेंडर के अनुसार, यहाँ एक अत्याधुनिक टर्मिनल भवन, विमानों के सुरक्षित परिचालन के लिए एटीसी (ATC) टावर और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए फायर स्टेशन का निर्माण कराया जाएगा। इन सुविधाओं के विकसित होने से वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट एक पूर्ण विकसित हवाई अड्डे के रूप में उभरेगा, जिससे भविष्य में वाणिज्यिक उड़ानों का रास्ता भी साफ हो जाएगा।
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रनवे विस्तार और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
हवाई अड्डे के वर्तमान रनवे की लंबाई लगभग 1100 मीटर है, जो केवल छोटे विमानों के लिए उपयुक्त है। बड़े विमानों के संचालन की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए रनवे को विस्तारित करने की योजना है, जिसके लिए लगभग 12 एकड़ अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता जताई गई है। इसके लिए बगहा-दो अंचल प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अंचलाधिकारी मोहम्मद वसीम अकरम ने अपनी टीम के साथ स्थल निरीक्षण कर जमीन की प्रकृति और उपलब्धता की जांच की है, ताकि विस्तार कार्य में कोई बाधा न आए।
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रणनीतिक बदलाव और एसएसबी कैंप का स्थानांतरण
हवाई अड्डे की सुरक्षा और विस्तार को ध्यान में रखते हुए इसके समीप स्थित एसएसबी (SSB) कैंप को भी स्थानांतरित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर एसएसबी कैंप के लिए उपयुक्त नई जमीन की तलाश की जा रही है। अंचल प्रशासन ने हल्का कर्मचारियों से विस्तृत प्रतिवेदन मांगा है, जिसमें यह स्पष्ट किया जाएगा कि कितनी सरकारी भूमि उपलब्ध है और कितनी निजी भूमि के अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। यह बदलाव हवाई अड्डे के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान
वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के आधुनिक होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को जबरदस्त गति मिलने की उम्मीद है। पूर्व विधायक धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस विकास कार्य का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके कार्यकाल के दौरान सदन में उठाए गए प्रयासों का परिणाम है। एयरपोर्ट बनने से वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे और चंपारण का यह इलाका पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाएगा।