Bihar News: यूजीसी के खिलाफ छात्रों का सियासी ऐलान-ए-जंग, शिवहर की सड़कों पर उतरा ग़ुस्सा, पीएम का पुतला दहन, थाली बजाकर सरकार को ललकारा
Bihar News:शिवहर में यूजीसी को लेकर सियासत गरमा गई है। देश के अलग अलग हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में अब शिवहर भी शामिल हो गया है...
Bihar News:शिवहर में यूजीसी को लेकर सियासत गरमा गई है। देश के अलग अलग हिस्सों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में अब शिवहर भी शामिल हो गया है, जहां यूजीसी एक्ट 2026 इक्विटी रेगुलेशन के खिलाफ छात्र सड़क पर उतर आया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इस नए नियम को सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में तत्काल लागू किए जाने के आदेश के बाद स्वर्ण समाज में जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिल रही है।
शिवहर जिले मेंकरणी सेना, परशुराम सेना और अन्य संगठनों ने शहर में जोरदार रैली निकाली। रैली जीरो माइल चौक पहुंचते ही सियासी तेवर और तीखे हो गए। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया और थालियां बजाकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। चौक पर गूंजते नारों और थाली की आवाज़ों ने पूरे इलाके को सियासी अखाड़े में तब्दील कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान स्वर्ण समाज के नेताओं ने यूजीसी एक्ट को समाज के खिलाफ बताया और इसे तत्काल निरस्त करने की मांग की। पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राणा रणजीत सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए यूजीसी को “काला कानून” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संतुलन को भी बिगाड़ने वाला है। राणा रणजीत सिंह ने ऐलानिया लहजे में कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन सड़क से संसद तक जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं का ग़ुस्सा उस वक्त और भड़क गया, जब थाली बजाते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह कोरोना को थाली पीटकर भगाया गया था, उसी तरह भाजपा सरकार को भी थाली पीट-पीटकर सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा। यह नारा सियासी कटाक्ष के साथ-साथ केंद्र सरकार के खिलाफ खुले एलान-ए-बग़ावत की तरह गूंजता रहा।

जीरो माइल चौक पर भारी संख्या में लोग जमा थे, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। मौके पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी रही, लेकिन प्रदर्शनकारियों का जोश ठंडा नहीं पड़ा। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राणा रणजीत सिंह के अलावा भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र किशोर मिश्रा, श्री राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष राजेश सिंह टाइगर, धर्मेंद्र कुमार सिंह, हर्षवर्धन सिंह, अजीत कुमार, दीपू सिंह, बंटी सिंह चौहान सहित करणी सेना और परशुराम सेना के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
बहरहाल, यूजीसी को लेकर शिवहर की सड़कों पर उतरा यह आक्रोश अब महज स्थानीय विरोध नहीं रह गया है। यह आंदोलन धीरे-धीरे सियासी रंग लेता जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नई गर्माहट पैदा होना तय माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस गूंजती थाली और जलते पुतले की आवाज़ को कितनी गंभीरता से सुनती है।
रिपोर्ट- मनोज कुमार