शेखपुरा में एक महीने के भीतर निगरानी की दूसरी बड़ी रेड, घूसखोर मनरेगा कर्मी प्रफुल्ल कुमार 30 हजार घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बिहार के शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में निगरानी विभाग ने मनरेगा कर्मी प्रफुल्ल कुमार को 30 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी 6 लाख रुपये के भुगतान पर 10% कमीशन मांग रहा था।
बिहार के शेखपुरा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक महीने के भीतर दूसरी बार बड़ी कार्रवाई करते हुए एक भ्रष्ट कर्मी को दबोचा है। निगरानी टीम ने अरियरी प्रखंड कार्यालय में छापामारी कर मनरेगा कर्मी प्रफुल्ल कुमार को 30,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद जिले के अन्य कार्यालयों में पदस्थापित घूसखोर और भ्रष्ट पदाधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
6 लाख के भुगतान के एवज में मांग रहा था 10 प्रतिशत कमीशन
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार एक योजना के तहत कुल 6 लाख रुपये के भुगतान के बदले 10% यानी 60,000 रुपये कमीशन की मांग कर रहा था। इस मांग से परेशान होकर हजरतपुर मंडरो पंचायत की पंचायत समिति सदस्य जयमंती देवी के पति सरवन चौधरी ने बीते 25 सितंबर को पटना स्थित निगरानी थाने में इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विभाग ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की।
सत्यापन के बाद निगरानी डीएसपी के नेतृत्व में बिछाया गया जाल
शिकायत मिलने पर निगरानी विभाग ने पहले मामले की अंदरूनी जांच करवाई, जिसमें आरोप सही पाया गया। इसके बाद डीएसपी सतीश चंद्र माधव के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। योजना के तहत परिवादी को घूस की पहली किस्त के रूप में 30,000 रुपये नकद देकर आरोपी के पास भेजा गया। आरोपी ने रिश्वत की रकम अपने ऑफिस के बजाय प्रखंड कार्यालय के पास स्थित कचरा निस्तारण केंद्र पर मंगवाई और जैसे ही पैसे अपने हाथ में लिए, पहले से मुस्तैद निगरानी टीम ने उसे धर दबोचा।
कार्यालय से फाइलें जब्त, भागलपुर कोर्ट में होगी पेशी
घूसखोर मनरेगा कर्मी की गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम ने प्रखंड कार्यालय पहुंचकर मनरेगा योजना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने बताया कि गिरफ्तार पंचायत रोजगार सेवक को आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए भागलपुर स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही, आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले की भी जांच कराई जाएगी।
एक महीने के भीतर जिले में दूसरी बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप
उल्लेखनीय है कि शेखपुरा जिले में पिछले एक महीने के दौरान निगरानी विभाग की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले बीते 8 सितंबर को भी जिला परिवहन कार्यालय में एक निम्न वर्गीय लिपिक को 15,000 रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही इन सख्त कार्रवाइयों से प्रशासनिक हलकों में यह संदेश स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कड़ाई से काम किया जा रहा है।
शेखपुरा से उमेश जीवा की रिपोर्ट