गोपालगंज में बड़ा हादसा: गैस सिलेंडर फटने से 17 लोग झुलसे, दो की स्थिति गंभीर होने पर गोरखपुर रेफर

गोपालगंज के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सफियाबाद गांव में नया गैस सिलेंडर लगाने के दौरान रिसाव से भीषण आग लग गई, जिसमें 17 लोग झुलस गए। डीएम ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।

Gopalganj Cylinder Blast
गोपालगंज में : गैस सिलेंडर फटने से 17 लोग झुलसे, दो की स्थिति गंभीर- फोटो : Reporter

बिहार के गोपालगंज जिले से इस वक्त की एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है, जहां गैस सिलेंडर में आग लगने से एक बड़ा हादसा हो गया। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सफियाबाद गांव में हुई इस दुर्घटना में कुल 17 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों में महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। अचानक हुए इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई।


नया सिलेंडर लगाते समय हुआ गैस रिसाव

मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा प्रेमनाथ गांव के प्रेमनाथ मांझी के घर पर हुआ, जहां हाल ही में एक नया गैस सिलेंडर लाया गया था। बताया जा रहा है कि सिलेंडर का रेगुलेटर लगाने के दौरान कुछ तकनीकी समस्या आ गई, जिसके कारण अचानक गैस का रिसाव होने लगा और देखते ही देखते सिलेंडर ने आग पकड़ ली। हालांकि, इस दुर्घटना के वास्तविक कारणों और तकनीकी खामी की सटीक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।


हादसे में कुल 17 लोग झुलसे, दो गोरखपुर रेफर

इस भीषण अग्निकाद में परिवार और आसपास के कुल 17 लोग बुरी तरह झुलस गए। घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर रूप से घायल मरीजों की स्थिति को नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेफर कर दिया गया है।


अस्पताल में उमड़ी भीड़, जिलाधिकारी ने लिया जायजा

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज के जिलाधिकारी (DM) समीर सौरभ ने खुद अस्पताल पहुंचकर घायलों के स्वास्थ्य की स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम को सभी घायलों का समुचित और बेहतरीन इलाज सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।


डीएम की लोगों से अनावश्यक भीड़ न लगाने की अपील

जिलाधिकारी समीर सौरभ ने अस्पताल में जुटी भीड़ को देखते हुए लोगों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक भीड़ लगाने से मरीजों में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ सकता है और इससे डॉक्टरों को इलाज करने में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों के साथ केवल उनके निकटतम परिजन ही अस्पताल के वार्ड में रहें ताकि चिकित्सा व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।


प्रशासन की देखरेख में चल रहा इलाज, जांच जारी

फिलहाल सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों की गहन तकनीकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि गैस सिलेंडर में आग लगने की मुख्य और वास्तविक वजह क्या थी।

गोपालगंज से नमो नारायण की रिपोर्ट