Bihar News : 'काम लिया है तो पैसा देना ही होगा', अनुबंध खत्म होने के बाद भी काम कराने पर पटना हाईकोर्ट ने की सख्त टिप्पणी

Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने कहा की यदि किसी कर्मचारी, एजेंसी या सेवा प्रदाता से कॉन्ट्रैक्ट (अनुबंध) की अवधि समाप्त होने के बाद भी काम लिया गया है तो भुगतान नहीं रोका जा सकता.....पढ़िए आगे

Bihar News : 'काम लिया है तो पैसा देना ही होगा', अनुबंध खत्म
पटना हाईकोर्ट सख्त - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : पटना हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए स्पष्ट किया कि काम लिया है ,तो पैसा देना ही होगा। अनुबंध खत्म होने के बाद भी काम कराने पर कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार लगाते हुए  कहा कि बिना एक्सटेंशन ऑर्डर के भी यदि विभाग ने कराया है काम, तो मेहनताना रोकने का हक किसी को नहीं हैं। बिहार सरकार और सरकारी विभागों के विभागों को पटना हाईकोर्ट  से एक बेहद सख्त और दो टूक संदेश मिला है। 

कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी कर्मचारी या एजेंसी से कॉन्ट्रैक्ट (अनुबंध) की अवधि समाप्त होने के बाद भी काम लिया गया है और विभाग ने उस काम का पूरा फायदा उठाया है, तो केवल इस आधार पर भुगतान नहीं रोका जा सकता कि कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने का कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ था। यह मामला एक रिट याचिका से जुड़ा था, जहाँ विभाग द्वारा तय समय-सीमा या अनुबंध की अवधि बीत जाने के बाद भी काम तो लिया गया, लेकिन बाद में कागजी प्रक्रिया का हवाला देकर भुगतान करने से हाथ खींच लिए गए।

जस्टिस डॉ. अंशुमान की बेंच ने सुनवाई के दौरान बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी सरकारी विभाग या अधिकारी इस तरह का दोहरा रवैया नहीं अपना सकता।जब विभाग ने कर्मचारी/पक्षकार से काम ले लिया और उस कार्य से विभाग को सीधा लाभ  प्राप्त हुआ है, तो केवल कागजी एक्सटेंशन ऑर्डर न होने का बहाना बनाकर मेहनताना या बकाया राशि का भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं बनता।

इस फैसले से उन तमाम कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और सर्विस प्रोवाइडर्स को बड़ी कानूनी सुरक्षा मिली है, जिन्हें काम कराने के बाद अक्सर कागजी पेचीदगियों में फंसाकर भुगतान रोक दिया जाता था। प्रशासनिक लापरवाही पर कोर्ट के इस फैसले से यह साफ संदेश गया है कि विभाग अपनी प्रशासनिक या बाबूशाही सुस्ती (लेटलतीफी) का ठीकरा काम करने वाले व्यक्ति या एजेंसी के सिर पर नहीं फोड़ सकते। यदि काम हुआ है, तो उसका भुगतान नियमों के दायरे में करना ही होगा।