'कबीर कॉलोनाइज़र' कंपनी बनाकर की करोड़ों की ठगी, JDU नेता का 25 हजार का इनामी पुत्र सुदामा सिंह बिहटा से दबोचा गया
पटना पुलिस और STF की संयुक्त टीम ने बिहटा से 25 हजार रुपये के इनामी रियल एस्टेट कारोबारी सुदामा सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी पर कबीर कॉलोनाइजर कंपनी के जरिए जमीन के नाम पर ठगी का आरोप है।
सारण जिले के मढ़ौरा निवासी और रियल एस्टेट कारोबारी सुदामा सिंह की पटना में गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। गिरफ्तार सुदामा सिंह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी रहे जदयू नेता दिवंगत राजेंद्र सिंह के पुत्र हैं। समता पार्टी के समय से ही उनका परिवार राजनीतिक रसूख रखता रहा है और उनके पिता की अस्वस्थता के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री दो बार उनके आवास पहुंचे थे। सुदामा सिंह के छोटे भाई बलिराम सिंह उर्फ गामा सिंह वर्तमान में मढ़ौरा जदयू प्रखंड अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं।

STF और पटना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हत्थे चढ़ा 25 हजार का इनामी
सुदामा सिंह की गिरफ्तारी बिहार एसटीएफ (STF) और पटना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई में संभव हो सकी। 25 हजार रुपये का इनामी सुदामा सिंह पटना जिले के टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल था। 11 सितंबर 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर बिहटा के अमहरा स्थित लई चौक ओपी क्षेत्र में त्वरित छापेमारी कर वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
'कबीर कॉलोनाइज़र' कंपनी के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, सुदामा सिंह ने जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर 'कबीर कॉलोनाइज़र एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड' नामक एक रियल एस्टेट कंपनी बना रखी थी। इस कंपनी की आड़ में उसने कई भोले-भाले लोगों को सस्ते और अच्छे प्लॉट दिलाने का झांसा दिया और उनसे भारी रकम ऐंठ ली। जमीन आवंटन न होने और पैसे डूबने पर पीड़ितों ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद से वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
हाई-प्रोफाइल बैकग्राउंड के कारण पूरे मढ़ौरा और पटना में बनी चर्चा की विषय
रसूखदार राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से जुड़े होने के कारण सुदामा सिंह की गिरफ्तारी के बाद मढ़ौरा से लेकर पटना तक हड़कंप मच गया है। लंबे समय तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई को पटना पुलिस और एसटीएफ की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब उसकी कंपनी द्वारा की गई अन्य संपत्तियों की हेराफेरी और दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
सारण से धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट