Bihar Land News: बिहार के 58 CO पर गिरी गाज ! डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने भेजा नोटिस, अब होगी सख्त कार्रवाई

Bihar Land News: बिहार के 50 अंचलाधिकारियों पर जल्द ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने नोटिस भेज दिया है। साथ ही सख्त आदेश भी दिया है।

विजय सिन्हा
50 सीओ पर गिरी गाज!- फोटो : social media

Bihar Land News: बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में सुधार लाने के लिए डिप्टी सीएम सह मंत्री विजय सिन्हा लगातार प्रयासरत हैं। विजय सिन्हा तमाम कोशिश करते हैं जिससे विभाग की खामियां दूर हो सके। हाल ही में राजस्व विभाग के ट्रोल फ्री नंबर पर फोन नहीं लगने पर विजय सिन्हा कार्यालय पहुंच गए थे और अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। इसी कड़ी में अब एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। जानकारी अनुसार आम लोगों से जुड़े जमीन संबंधी कार्यों में लापरवाही बरतने पर बिहार के 58 अंचलाधिकारियों (सीओ) को नोटिस जारी किया है।

विजय सिन्हा ने भेजा नोटिस 

डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर इन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित सीओ के खिलाफ नियमानुसार विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत प्रपत्र ‘क’ का गठन, वेतन वृद्धि पर रोक और पदोन्नति पर भी रोक लगाई जा सकती है। दरअसल, हाल ही में विभाग की ओर से जमीन से जुड़े कार्यों की राज्यस्तरीय समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान म्यूटेशन डिफेक्ट चेक आवेदन (दाखिल-खारिज) की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। 

क्या है पूरा मामला 

जानकारी अनुसार कई अंचलों में दाखिल-खारिज के मामलों का निबटारा बेहद धीमी गति से हो रहा है। अंचल कार्यालयों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित हैं, जबकि कई मामलों में अवैध कारणों से आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। विभागीय समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई अंचलाधिकारियों ने तय समय सीमा 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज का निबटारा नहीं किया, जबकि राज्यस्तरीय औसत समय 44 दिन है। इसके बाद ऐसे अंचलों की पहचान कर संबंधित सीओ से जवाब-तलब किया गया है। नोटिस पाने वालों में बारसोई, पूर्णिया ईस्ट, उदाकिशुनगंज, आरा, रानीगंज, शाहपुर, फारबिसगंज, गोरौल और दीदारगंज के अंचलाधिकारी शामिल हैं।

समीक्षा बैठक से भी नदारद रहे अधिकारी

आम लोगों के काम समय पर नहीं करने वाले कई अंचलाधिकारी विभागीय समीक्षा बैठकों में भी अनुपस्थित पाए गए। हाल में हुई राज्यस्तरीय बैठक में 537 में से 529 अंचलाधिकारी उपस्थित हुए, जबकि आठ बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहे। इनमें रामपुर, मोकामा, मनेर, डिहरी, नौहट्टा, रोहतास, बेनीपट्टी और अरवल के सीओ शामिल हैं। इसी तरह रोहतास, गया और शिवहर के अपर समाहर्ता तथा बनमनखी, जयनगर, महनार, बिक्रमगंज, डिहरी ऑन सोन, रजौली, मंझौल और बखरी के डीसीएलआर भी बिना सूचना के बैठक में शामिल नहीं हुए। विभाग ने इन सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

अभियान बसेरा में भी अनियमितता

भूमिहीन गरीबों को आवास के लिए सरकार अभियान बसेरा के तहत वासयुक्त जमीन उपलब्ध करा रही है, लेकिन कई अंचलों में सीओ द्वारा ‘नॉट फिट फॉर अलॉटमेंट’ बताकर योग्य आवेदनों को भी अयोग्य कर दिया जा रहा है। पटना सिटी और जगदीशपुर में 98 प्रतिशत आवेदन इसी आधार पर रद्द किए गए। इसके अलावा पाटलिपुत्र, पटना सदर, फतुहा, बेतिया, कटिहार, जगदीशपुर सदर और रक्सौल के अंचलाधिकारियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने इन अंचलों में अनियमितता मानते हुए जांच कराने का निर्णय लिया है। सरकारी भूमि के सत्यापन में लापरवाही बरतने के मामले में पटना सदर, पटना सिटी, सिमरी बख्तियारपुर, शाहपुर, बोधगया, बथानी, टनकुप्पा, नौहट्टा, पोठिया और बसंतपुर के सीओ से भी जवाब-तलब किया गया है।

परिमार्जन और मापी में भी लापरवाही

जमाबंदी में त्रुटि सुधार (परिमार्जन) के मामलों में भी अंचलाधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। नियम के अनुसार अधिकतम 75 दिनों में परिमार्जन का कार्य पूरा किया जाना चाहिए, लेकिन कई अंचलों में इसमें अनावश्यक देरी की जा रही है। इसको लेकर बोधगया, औरंगाबाद, पूर्णिया पूर्वी, बगहा-दो, फारबिसगंज, सासाराम, रानीगंज और अररिया के सीओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा जमीन की मापी के मामलों में भी सुस्ती बरती जा रही है। बेनीपट्टी, लखनौर, मधेपुर, गढ़हनी, मदनगंज, सिकटी, बाराचट्टी, सोनो और शाम्हो अकहा कुरहा के अंचलाधिकारियों पर लापरवाही का आरोप है और विभाग ने इनसे भी जवाब-तलब किया है।