ई-चालान को हल्के में लेने वाले वाहन मालिक हो जाए सावधान, परिवहन विभाग लाने जा रही है यह सख्त नियम
Bihar News : प्रदेश में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और ई-चालान को हल्के में लेने वाले वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग अब बड़ी नकेल कसने की तैयारी में है। विभाग द्वारा जल्द ही एक नया और बेहद सख्त नियम अमल में लाया जा रहा है...
N4N Desk : बिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और ई-चालान को हल्के में लेने वाले वाहन मालिकों पर परिवहन विभाग अब बड़ी नकेल कसने की तैयारी में है। विभाग द्वारा जल्द ही एक नया और बेहद सख्त नियम अमल में लाया जा रहा है, जिसके तहत यदि किसी व्यक्ति की पुरानी गाड़ी का चालान बकाया है, तो वह नया वाहन नहीं खरीद पाएगा। राज्य में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से इस कड़े नियम का खाका तैयार किया गया है।
'वाहन' सॉफ्टवेयर से सीधे ट्रैक होगा बकाएदारों का डेटा
परिवहन विभाग के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए केंद्रीय 'वाहन' और 'सारथी' पोर्टल के डेटाबेस का सहारा लिया जाएगा। जैसे ही कोई व्यक्ति नई कार या बाइक खरीदने के लिए शोरूम पहुंचेगा, वैसे ही वाहन के रजिस्ट्रेशन (आरसी) की प्रक्रिया के दौरान उसके नाम या आधार से जुड़े पुराने वाहनों के ई-चालान का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। अगर सिस्टम में कोई भी पुराना चालान लंबित (पेंडिंग) पाया गया, तो नए वाहन का पंजीकरण सॉफ्टवेयर द्वारा तत्काल ब्लॉक कर दिया जाएगा।
करोड़ों रुपये के राजस्व की वसूली करेगी सरकार
इस कड़े कदम के पीछे का मुख्य कारण राज्य में लंबित पड़े करोड़ों रुपये के चालान की बकाया राशि है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में लाखों वाहनों पर पिछले कई सालों से ई-चालान का जुर्माना बकाया है, जिसे लोग जमा नहीं करा रहे हैं। नया वाहन खरीदने पर रोक लगाने की इस तरकीब से सरकार को उम्मीद है कि लोग कानूनी पचड़ों और नई गाड़ी के ब्लॉक होने के डर से समय पर अपने जुर्माने की राशि का भुगतान करेंगे, जिससे सरकारी राजस्व में भी बड़ा इजाफा होगा।
लापरवाही रोकने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने पर जोर
यातायात पुलिस और परिवहन विभाग का मानना है कि इस नियम के लागू होने से सड़कों पर मनमानी करने वाले वाहन चालकों में डर पैदा होगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग बिना हेलमेट, ओवरस्पीडिंग या रेड लाइट जंपिंग का चालान कटने के बाद भी बेखौफ गाड़ियां चलाते रहते हैं। विभाग का कहना है कि जब तक नियमों को कड़ाई से नागरिकों की नागरिक सुविधाओं और नई संपत्तियों की खरीद से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाना और अनुशासन लाना मुमकिन नहीं है।
डीलर और शोरूम संचालकों को भी मिलेंगे सख्त निर्देश
इस नियम के कानूनी रूप लेते ही बिहार के सभी ऑटोमोबाइल डीलरों और शोरूम संचालकों को भी कड़े निर्देश जारी किए जाएंगे। नए नियम के अनुसार, डीलर्स ग्राहकों को गाड़ी बुक करने से पहले ही उनके पुराने वाहनों के चालान की स्थिति साफ करने की सलाह देंगे। जब तक ग्राहक अपने लंबित पड़े चालानों का भुगतान कर 'नो ड्यूज' का डिजिटल सर्टिफिकेट प्रस्तुत नहीं करेगा, तब तक शोरूम संचालक उसके नाम पर नए वाहन की बुकिंग या डिलीवरी की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा सकेंगे।