सहायक उर्दू अनुवादकों को बिहार सरकार का 'अल्टीमेटम'! इस तारीख तक करें जॉइन वरना हमेशा के लिए छिन जाएगी नौकरी

बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय) ने उन सहायक उर्दू अनुवादकों को अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया है जिन्होंने अब तक अपनी ड्यूटी जॉइन नहीं की है ।

सहायक उर्दू अनुवादकों को बिहार सरकार का 'अल्टीमेटम'! इस तारी

Patna : बिहार सरकार के उर्दू निदेशालय ने सुस्त नवनियुक्त सहायक उर्दू अनुवादकों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। बार-बार समय विस्तार के बावजूद ड्यूटी जॉइन न करने वालों के लिए 31 मार्च 2026 की आखिरी डेडलाइन तय कर दी गई है—इसके बाद सीधा पद रिक्त घोषित होगा। 

आखिरी मौका: अब और नहीं बढ़ेगी तारीख

बिहार कर्मचारी चयन आयोग (विज्ञापन संख्या-01/19) के तहत चुने गए सहायक उर्दू अनुवादकों के लिए यह 'करो या मरो' वाली स्थिति है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय) ने साफ कर दिया है कि अब योगदान की अवधि में कोई ढील नहीं दी जाएगी। जिन अभ्यर्थियों ने अब तक अपने पदस्थापन कार्यालय में रिपोर्ट नहीं की है, उन्हें 31 मार्च 2026 तक हर हाल में योगदान देना होगा। 

विभाग की 'चेतावनी': जॉइनिंग नहीं तो पद होगा 'शून्य'

सरकार ने स्पष्ट शब्दों में 'डेडलाइन' का संदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, यदि तय तिथि तक अभ्यर्थी कार्यालय नहीं पहुंचते हैं, तो विभाग यह मान लेगा कि नवनियुक्त अनुवादक नौकरी करने के इच्छुक नहीं हैं। ऐसी स्थिति में उनकी नियुक्ति को रद्द माना जाएगा और उन पदों को तत्काल रिक्त (Vacant) घोषित कर दिया जाएगा। 

 'लापरवाही' पर नकेल: बार-बार की रियायत अब खत्म

दस्तावेजों से खुलासा हुआ है कि विभाग ने इन अभ्यर्थियों को पहले भी कई बार मोहलत दी थी। पूर्व में अक्टूबर 2025 तक सामूहिक विस्तार दिया गया था, लेकिन कई उम्मीदवारों ने सिस्टम की ढिलाई का फायदा उठाते हुए अब तक कार्यभार नहीं संभाला। विभाग ने अब इसे गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव के अनुमोदन के साथ अंतिम फैसला सुना दिया है। 

जिलों से लेकर कोषागार तक हाई अलर्ट

इस आदेश की गूँज केवल निदेशालय तक सीमित नहीं है।  अपर सचिव एस.एम. परवेज आलम ने इसकी प्रतिलिपि सभी जिला पदाधिकारियों (DM), अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO), प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और कोषागार पदाधिकारियों को भेज दी है। सभी अधिकारियों को निर्देश है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार के विलंब को स्वीकार न किया जाए। 

पारदर्शी कार्रवाई: वेबसाइट पर अपलोड हुआ 'ब्लैक एंड व्हाइट' आदेश

प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस आदेश को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है। महालेखाकार, बिहार को भी इसकी सूचना भेज दी गई है ताकि रिक्त पदों पर आगामी कार्रवाई में कोई बाधा न रहे। अब गेंद नवनियुक्त अभ्यर्थियों के पाले में है—या तो वे 31 मार्च तक कुर्सी संभालें या फिर नौकरी से हाथ धो बैठें।