BPSC TRE-4 Protest:TRE-4 वैकेंसी की मांग पर पटना में आज फिर बड़ा प्रदर्शन,संग्राम शुरु होने से पहले हिरासत में छात्र नेता खुशबू , अलर्ट मोड में पुलिस-प्रशासन ,माहौल गरम है

BPSC TRE-4: वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश फूट पड़ा है। आंदोलन अब सिर्फ नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जन-आक्रोश के उबाल में तब्दील होता दिख रहा है...

TRE 4 Vacancy Protest in Patna Student Leader Detained Polic
:TRE-4 वैकेंसी की मांग पर पटना में आज फिर बड़ा प्रदर्शन- फोटो : social Media

BPSC TRE-4 Protest: पटना की सड़कों पर आज एक बार फिर सियासी और सामाजिक तनाव का माहौल गहराता नजर आ रहा है। BPSC TRE-4 वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश फूट पड़ा है। आंदोलन अब सिर्फ नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जन-आक्रोश के उबाल में तब्दील होता दिख रहा है, जहां महिलाएं बेलन और थाली लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।

प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 11 बजे पटना कॉलेज से तय की गई है, जहां से हजारों अभ्यर्थी जुलूस की शक्ल में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कार्यालय की ओर कूच करेंगे। माहौल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह चौकन्ना है और शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। इससे पहले ही प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए छात्र नेता खुशबू पाठक को हिरासत में ले लिया, जिससे आंदोलनकारी छात्रों में आक्रोश और बढ़ गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को अभ्यर्थी दमनकारी नीति बता रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे एहतियाती कदम करार दे रहा है।

मंगलवार को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पटना के कई शिक्षक प्रतिनिधियों और कोचिंग संचालकों के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में ASP, SDM समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान किसी प्रकार की हिंसा होती है और उसमें किसी शिक्षक की भूमिका सामने आती है, तो कड़ी कार्रवाई तय है।

लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पिछले आंदोलनों में उनके साथ जुल्म और ज्यादती की गई। 8 मई को हुए प्रदर्शन में पुलिस लाठीचार्ज के बाद हालात बेकाबू हो गए थे। उस दौरान छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने, सिर फोड़ने और महिला अभ्यर्थियों के साथ बदसलूकी जैसे गंभीर आरोप लगे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उस दिन सड़कें युद्धभूमि जैसी नजर आ रही थीं कहीं चप्पलें बिखरी थीं तो कहीं खून से सने कपड़े। आक्रोशित छात्रों ने आधे कपड़े उतारकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी की थी और कहा था कि हम शिक्षक बनने आए हैं, अपराधी नहीं।

आज के प्रदर्शन को लेकर खुफिया तंत्र भी सक्रिय है और प्रशासन को आशंका है कि आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। इसी कारण पूरे इलाके को छावनी में तब्दील करने जैसी तैयारी चल रही है।अब सवाल यह है कि क्या यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा या फिर एक बार फिर पटना की सड़कें संघर्ष और टकराव का अखाड़ा बनेंगी। अभ्यर्थियों की मांग और प्रशासन की सख्ती के बीच पूरा मामला अब एक बड़े शिक्षा बनाम व्यवस्था के टकराव में बदलता दिख रहा है।