Bihar Politics: हम किसी के चरणों में झूकने वाले..राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही तेजस्वी की ललकार, पार्टी के नेताओं को दे दी चेतावनी

Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि वो किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। साथ ही तेजस्वी ने पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी सख्त चेतावनी दी है।

तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव की ललकार - फोटो : News4nation

Bihar Politics:  नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल(राजद) का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। लालू यादव ने तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र दिया। तेजस्वी ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि वो किसी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। साथ ही तेजस्वी ने पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी सख्त चेतावनी दी है। तेजस्वी यादव ने साफ कहा है कि अब पार्टी में ये सब नहीं चलेगा की हमको ये पसंद नहीं है, वो पार्टी में क्यों है? हम सभी को एक साथ एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करना होगा। 

मर जाएंगे लेकिन झुकेंगे नहीं 

तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू यादव और उनका विचारधारा आज तक ना झुका है और ना ही झुकने वाला है। हम इतना भरोसा देते हैं कि हम लोग किसी केचरण में गिरने वाले नहीं हैं, हम झुकने की जगह मरना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि राजद की असली ताकत एकता है। “हम सब लोग मिलकर लड़ेंगे। एकता में ही शक्ति है। आपसी पसंद-नापसंद की राजनीति से सभी का नुकसान होगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं और नेताओं से मतभेद भुलाकर एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। बता दें कि राजद के कई कार्यकर्ता और नेता पार्टी के ही अन्य नेता और कार्यकर्ता पर आरोप लगा रहे हैं। उनको तेजस्वी ने सख्त चेतावनी दी है। 

15 साल की राजनीति, लेकिन संगठन में पहली बड़ी जिम्मेदारी

तेजस्वी यादव ने कहा कि वे करीब 15 साल से राजनीति में हैं, लेकिन संगठन में उन्हें अब जाकर औपचारिक जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने 2010 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उनकी भूमिका बेहद सीमित थी। उस दौर में वे सक्रिय रूप से राजनीति में नहीं थे और पार्टी कार्यालय में केवल माहौल देखा करते थे। उन्होंने बताया कि 2010 के चुनाव के दौरान कई प्रत्याशी प्रचार के लिए बुलाते थे, लेकिन उनकी भूमिका बहुत छोटी रही। पिछले 15 वर्षों में वे विधायक दल के नेता जरूर रहे, लेकिन संगठनात्मक जिम्मेदारी उन्हें नहीं दी गई थी।

कठिन दौर में मिली जिम्मेदारी

तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, वह बेहद कठिन समय में मिली है। “यह कांटों भरा रास्ता है। अपनों को जोड़ते हुए मंजिल तक पहुंचना है”। उन्होंने माना कि आज के दौर में विचारधारा की राजनीति कमजोर हो रही है और सत्ता की राजनीति हावी होती जा रही है। तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद की मूल विचारधारा सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता को जीवित रखना आज सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आना-जाना, टूटना-जुड़ना आज की राजनीति का हिस्सा बन गया है, लेकिन विचार की राजनीति करने वाली पार्टियां कम होती जा रही हैं। ऐसे में विचारधारा को जिंदा रखना ही राजद की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।