Rohini Acharya: सियासत से परे दिखी रिश्तों की गर्माहट, रोहिणी आचार्या का भावुक पैगाम, बोलीं- पिता का प्रेम मेरी ताकत, उनके संस्कार मेरी पहचान

Rohini Acharya: बिहार की राजनीति में अक्सर अपने बयानों और सक्रियता को लेकर चर्चा में रहने वाली डॉ. रोहिणी आचार्या एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ...

Rohini Emotional Tribute to Lalu Yadav Wins Hearts Online
सियासत से परे दिखी रिश्तों की गर्माहट- फोटो : reporter

Rohini Acharya: बिहार की राजनीति में अक्सर अपने बयानों और सक्रियता को लेकर चर्चा में रहने वाली डॉ. रोहिणी आचार्या एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान या चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि अपने पिता लालू प्रसाद यादव के प्रति उनका भावनात्मक लगाव और सम्मान है। राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो के साथ उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा कर ऐसा संदेश दिया, जिसने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भावुक कर दिया।

रोहिणी आचार्या ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर पिता के साथ बिताए खास पलों का वीडियो साझा करते हुए लिखा, “पिता का प्रेम मेरी शक्ति, उनके संस्कार मेरी पहचान हैं। एक महान पिता, एक महान व्यक्तित्व और मेरे सबसे बड़े प्रेरणास्रोत पापा के साथ चलने से दुनिया की हर डगर आसान सी लगती है।” इस संदेश में एक बेटी का अपने पिता के प्रति सम्मान, मोहब्बत और अटूट भरोसा साफ झलकता है।

दरअसल, हाल ही में अपने जन्मदिन के अवसर पर रोहिणी आचार्या ने परिवार के बीच सादगीपूर्ण अंदाज में जश्न मनाया था। इस मौके पर लालू प्रसाद यादव भी मौजूद रहे। जन्मदिन समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद समर्थकों ने इसे परिवार की एक भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर बताया। वीडियो में रोहिणी अपने पिता की मौजूदगी में केक काटती नजर आ रही हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी इस खुशी के पल में शामिल दिखाई देते हैं।

राजनीतिक गलियारों में भी इस तस्वीर को खास नजरिए से देखा जा रहा है। रोहिणी आचार्या वही बेटी हैं जिन्होंने कठिन दौर में अपने पिता को किडनी दान कर नया जीवन दिया था। ऐसे में उनका यह भावुक संदेश केवल पारिवारिक संबंधों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि त्याग, समर्पण और पारिवारिक मूल्यों का भी प्रतीक माना जा रहा है। राजनीति की तल्ख बहसों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह तस्वीर एक ऐसे रिश्ते की कहानी बयां करती है, जहां एक बेटी अपने पिता को केवल राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत मानती है। यही वजह है कि रोहिणी का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है।

रिपोर्ट- रंजीत कुमार