Ram Mandir dispute: ‘असली चपत लगाने वाले…’ राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर रोहिणी आचार्य का बड़ा हमला, सियासत गरमाई

Ram Mandir dispute: अयोध्या राम मंदिर कथित चंदा चोरी मामले में रोहिणी आचार्य ने बड़ा सवाल उठाया। एफआईआर में बड़े नाम शामिल न होने पर जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।

 Ram Mandir dispute
रोहिणी आचार्य का बड़ा बयान- फोटो : social media

 Ram Mandir dispute: राम मंदिर एक बार फिर विवादों में है। इस बार मामला कथित चंदा चोरी से जुड़ा है। मामले की जांच एसआईटी कर रही है, लेकिन इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है और कई सवाल उठा रहा है। इसी बीच रोहणी आचार्य ने भी इस मामले पर बड़ा सवाल उठाया है। शुक्रवार 26 जून 2026 को उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर एफआईआर और जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।

रोहिणी आचार्य ने कहा कि एफआईआर में छोटे नामों की भरमार है, लेकिन बड़े नामों को बाहर रखा गया है। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों पर मंदिर प्रबंधन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, उनके नाम एफआईआर में क्यों नहीं हैं। उन्होंने खास तौर पर चंपत राय और अन्य ट्रस्टियों का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या उन्हें जानबूझकर बचाया जा रहा है।

पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने क्या लिखा?

अपने पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने लिखा कि प्रभु श्रीराम के नाम पर लूट करने वालों को खुली छूट दे दी गई है। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर तो दर्ज हुई, लेकिन बड़े नामों को इसमें शामिल नहीं किया गया। उनके अनुसार सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच और न्याय की प्रक्रिया ऊपर तक नहीं पहुंचेगी। रोहिणी आचार्य ने यह भी कहा कि जब जवाबदेही तय करने की बात आती है तो सवाल सबसे पहले उन लोगों पर उठना चाहिए जिनके हाथ में मंदिर प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी थी। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था इस मंदिर से जुड़ी है, इसलिए अगर जिम्मेदारी शीर्ष स्तर पर है तो जवाबदेही भी वहीं से शुरू होनी चाहिए।

बीजेपी पर रोहिणी आचार्य का हमला

रोहिणी आचार्य ने बीजेपी पर भी हमला बोला और कहा कि सरकार इस मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रही है। रोहिणी आचार्य के मुताबिक, एफआईआर में नाम नहीं होना किसी के निर्दोष होने का प्रमाण नहीं है। बल्कि इससे शक और गहरा हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि आज नहीं तो कल असली गुनहगारों का पर्दाफाश होकर रहेगा और सच सामने आएगा।