AAP को झटका, दो विधायकों ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा
चेतन सिंह जौरामाजरा ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा कि वह आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी तत्काल प्रभाव से पार्टी की सदस्यता छोड़ने की घोषणा की है।
AAP : पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के दो विधायकों ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इनमें पटियाला जिले की सनौर विधानसभा सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना से विधायक एवं पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौरामाजरा शामिल हैं। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी दी।
चेतन सिंह जौरामाजरा ने फेसबुक पर पोस्ट कर लिखा कि वह आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। वहीं, हरमीत सिंह पठानमाजरा ने भी तत्काल प्रभाव से पार्टी की सदस्यता छोड़ने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम से चुनाव से पहले पंजाब में AAP की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं।
पहली उम्मीदवार सूची में नाम नहीं आने से थे नाराज
दोनों विधायकों के पार्टी छोड़ने के पीछे टिकट को लेकर नाराजगी की बात सामने आ रही है। शनिवार को आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी। बताया जा रहा है कि इस सूची में नाम नहीं होने के कारण दोनों विधायक नाराज थे।
चेतन सिंह जौरामाजरा पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि, बाद में उन्हें मंत्रिमंडल से हटा दिया गया था। इसके अलावा, कुछ समय पहले पार्टी ने समाना विधानसभा क्षेत्र में उनकी जगह पूर्व अकाली नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसके बाद से ही जौरामाजरा की पार्टी नेतृत्व से नाराजगी की चर्चा थी।
AAP ने कहा- पार्टी पहले ही बना चुकी थी दूरी
दोनों विधायकों के इस्तीफे पर आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दोनों विधायकों की गतिविधियों के कारण पार्टी पहले ही उनसे दूरी बना चुकी थी। पन्नू ने यह भी दावा किया कि इस्तीफा देने वाले दोनों विधायक अब भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि पंजाब में पार्टी को उम्मीदवार तक नहीं मिल रहे हैं।
फिलहाल दोनों विधायकों के अगले राजनीतिक कदम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि, उनके इस्तीफे ने विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।