मठ-मंदिरों की जमीन की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता, अतिक्रमण हटाने के लिए बनेगा स्पेशल सेल : डॉ. दिलीप जायसवाल
Bihar News : प्रदेश के धार्मिक स्थलों और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की लाखों एकड़ जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए सरकार एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इसके लिए एक स्पेशल सेल बनने जा रहा है....
Patna : बिहार सरकार राज्यभर में स्थित मठ, मंदिर, देवालय और बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद की लाखों एकड़ जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। इस संबंध में माननीय राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में धार्मिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा, अवैध कब्जों को हटाने की प्रक्रिया को तेज करने तथा इसके लिए एक मजबूत और समन्वित तंत्र विकसित करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
तीन विभाग मिलकर तैयार करेंगे एसओपी (SOP)
बैठक में विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणवीर नंदन समेत राजस्व एवं विधि विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि धार्मिक न्यासों की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। प्रभावी कार्रवाई के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, विधि विभाग तथा धार्मिक न्यास परिषद को मिलाकर एक 'स्पेशल सेल' का गठन किया जाएगा, जो संयुक्त रूप से विस्तृत एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार करेगा।
ट्रिब्यूनल के आदेशों पर चलेगा विशेष अभियान
मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के ट्रिब्यूनल द्वारा जिन मामलों में पूर्व में ही अतिक्रमण हटाने के आदेश पारित किए जा चुके हैं, उन्हें अब और लंबित न रखा जाए। उन सभी मामलों में त्वरित गति से विशेष अभियान चलाकर जमीन को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित क्षेत्रों के अंचल अधिकारियों (CO) को सीधे तौर पर इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और जिला स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
तैयार होगा संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड
जमीनी विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करने और पारदर्शिता लाने के लिए सरकार इन जमीनों के आधुनिकीकरण पर भी काम करेगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी धार्मिक संस्थानों की संपत्तियों का अद्यतन अभिलेखीकरण (Up-to-date Documentation) किया जाएगा और उनका एक सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्यभर में विवादित भूमि की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि इन संपत्तियों को जनहित और धार्मिक गतिविधियों के लिए संरक्षित रखा जा सके।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों की परिसंपत्तियों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्पेशल सेल के गठन के बाद से ही सभी चिन्हित जमीनों पर बुलडोजर चलाने और पैमाइश करने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। सरकार के इस कदम से राज्यभर के भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ हड़कंप मचना तय माना जा रहा है।
वंदना की रिपोर्ट