पटना पुलिस को बड़ी कामयाबी: STF ने बिछाया जाल कर दिया मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, हथियार बरामद, कई गिरफ्तार
बिहार में अवैध हथियारों के सिंडिकेट पर STF और पटना पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी और फिल्मी स्टाइल में कार्रवाई,एसटीएफ का जवान खुद 'नकली खरीदार' बनकर पहुंचा और पूरे गिरोह को रंगे हाथों दबोच लिया।
बिहार में अवैध हथियारों के सिंडिकेट के खिलाफ पटना पुलिस और एसटीएफ (Special Task Force) को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के टेका बिगहा इलाके में छापेमारी कर एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का सनसनीखेज उद्भेदन किया है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अर्धनिर्मित हथियार, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने वाले अत्याधुनिक औजार बरामद किए हैं। इसके साथ ही अवैध हथियार निर्माण के इस काले धंधे में शामिल मुख्य आरोपियों को भी रंगे हाथों गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। वही इस सफलता के बाबत विस्तृत जानकारी प्रेस वार्ता कर दी जाएगी।
एसटीएफ का जवान बना 'नकली खरीदार', जाल बिछाकर माफियाओं को दबोचा
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे दिलचस्प बात एसटीएफ की सटीक प्लानिंग रही। दरअसल, एसटीएफ के खुफिया तंत्र को पिछले कई दिनों से लगातार यह इनपुट मिल रहा था कि बख्तियारपुर के टेका बिगहा इलाके में बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का निर्माण कर उन्हें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना की सत्यता जांचने और माफियाओं को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एसटीएफ का एक जांबाज जवान खुद नकली खरीदार (कस्टमर) बनकर हथियार डीलरों के पास पहुंचा। उसके बाद डील पक्की कर कुछ पैसे एडवांस दी और फिर जैसे ही सौदा पक्का हुआ और आरोपियों ने हथियार सामने निकाले, पहले से जाल बिछाकर मुस्तैद बैठी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर उन्हें चारों तरफ से दबोच लिया।
भारी मात्रा में हथियार और लेथ मशीन जब्त, पुलिस महकमे में तारीफ
कार्रवाई के बाद जब पुलिस टीम ने फैक्ट्री परिसर की सघन तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से कई निर्मित और अर्धनिर्मित पिस्तौल, मैगजीन, बैरल, जिंदा कारतूस और बेस कीमती लेथ मशीनें व अन्य औजार जब्त किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल हथियार की फिनिशिंग और डिजाइनिंग के लिए किया जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह मिनी गन फैक्ट्री काफी शातिराना ढंग से घनी आबादी और सुरक्षित ठिकाने पर चलाई जा रही थी ताकि किसी को शक न हो। इस सफल और सूझबूझ भरे ऑपरेशन के लिए वरीय अधिकारियों ने संयुक्त टीम की जमकर सराहना की है।
सरगना से पूछताछ जारी, अंतरराज्यीय कनेक्शन खंगालने में जुटी पुलिस
बख्तियारपुर थाना पुलिस और एसटीएफ के आला अधिकारी गिरफ्तार किए गए आरोपियों से किसी गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस मिनी गन फैक्ट्री का मुख्य सरगना कौन है, इन्हें हथियार बनाने का कच्चा माल (रॉ मटेरियल) कहां से सप्लाई होता था और यहां बने हथियारों को किन-किन जिलों या राज्यों के अपराधियों को बेचा जाता था। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय हथियार तस्करों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस संबंध में बख्तियारपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट - रविशंकर