हाईप्रोफाइल साज़िश या लापरवाही? NIT छात्रा मौत मामले में सीबीआई जांच पर उठे सवाल, मनीष रंजन की जमानत पर फैसला टला

पटना NIT छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में जेल में बंद हॉस्टल संचालक मनीष रंजन की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। सीबीआई की सुस्त जांच और कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बीच अब सबकी नजरें कल होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

हाईप्रोफाइल साज़िश या लापरवाही? NIT छात्रा मौत मामले में सीब

Patna -  पटना के चर्चित NIT छात्रा संदिग्ध मौत मामले में मुख्य आरोपी और शंभु गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मनीष रंजन को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। बुधवार को करीब दो घंटे तक चली लंबी बहस के बाद पॉक्सो कोर्ट ने जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई गुरुवार के लिए तय की है। मनीष रंजन वर्तमान में पटना की बेऊर जेल में बंद है। इस फैसले के बाद अब सबकी निगाहें कल होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ यह तय होगा कि आरोपी को सलाखों के पीछे रहना होगा या उसे राहत मिलेगी। 

जांच एजेंसी सीबीआई को कोर्ट की फटकार

सुनवाई के दौरान पॉक्सो कोर्ट ने जांच एजेंसी सीबीआई की कार्यशैली पर कड़ा रुख अपनाते हुए जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने सीबीआई से तीखा सवाल पूछा कि घटना के इतने महीने बीत जाने के बाद भी अब तक छात्रा की मौत के कारणों की स्पष्ट रिपोर्ट क्यों नहीं पेश की गई है? कोर्ट ने जांच में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए एजेंसी को साक्ष्यों के साथ तैयार रहने को कहा। इससे पहले भी कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही इस मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गई थीं, जिसने सीबीआई की शुरुआती जांच को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया था। 

हाईप्रोफाइल संलिप्तता और लापरवाही के आरोप

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि एसआईटी और अब सीबीआई इस मामले की जांच में भारी लापरवाही बरत रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना के पीछे कुछ रसूखदार और हाईप्रोफाइल लोगों के हाथ होने की संभावना है, जिन्हें बचाने के लिए जांच की दिशा को भटकाया जा रहा है। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया था, फिर भी जांच एजेंसियां इस बिंदु पर सुस्ती दिखा रही हैं। 

7 जनवरी की वो खौफनाक घटना

गौरतलब है कि इसी साल 7 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभु गर्ल्स हॉस्टल में एनआईटी की एक छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश मिली थी, जिसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने शुरू से ही छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया था। मामला बढ़ने पर तत्कालीन थाना अध्यक्ष रोशनी कुमारी समेत दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। जन आक्रोश और परिवार की मांग के बाद इस संवेदनशील मामले की बागडोर सीबीआई को सौंपी गई थी, लेकिन अब तक किसी ठोस निष्कर्ष पर न पहुंचने से पीड़ित परिवार न्याय की आस में भटक रहा है।

रिपोर्ट - अनिल कुमार