Sensex News : शेयर बाजार में मचा हाहाकार, सेंसेक्स 1300 अंक टूटा, निवेशकों के 5 लाख करोड़ रुपये हुए स्वाहा
N4N DESK : मंगलवार की संक्षिप्त रिकवरी के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर औंधे मुंह गिर गया। चौतरफा बिकवाली के कारण सेंसेक्स 1,342 अंकों की भारी गिरावट के साथ 76,863 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी 394 अंक फिसलकर 23,900 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 23,866 पर आ गया। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों को तगड़ा झटका दिया है और महज एक दिन में उनकी करीब 5 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डूब गई।
दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली: बाजार की इस गिरावट में बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर का सबसे बड़ा हाथ रहा। बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से केवल 2 शेयर ही बढ़त बनाने में कामयाब रहे, जबकि बाकी 28 लाल निशान में बंद हुए। गिरावट दर्ज कराने वाले प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल रहे। ऑटो, आईटी और बैंकिंग इंडेक्स में सबसे ज्यादा दर्द देखा गया, जिसने बाजार के सेंटिमेंट को कमजोर कर दिया।
विदेशी निवेशकों का दबाव और प्रॉफिट बुकिंग: बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट का एक प्रमुख कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली है। आंकड़ों के मुताबिक, 10 मार्च को भी FII ने 4,673 करोड़ रुपये की नेट सेलिंग की। हालांकि घरेलू निवेशकों (DII) ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता और पिछले सत्र में हुई तेजी के बाद आई 'प्रॉफिट बुकिंग' के कारण बाजार संभल नहीं सका और बिकवाली का दबाव बढ़ता चला गया।
भू-राजनीतिक तनाव का साया: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध की स्थिति और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बाजार पर भारी पड़ रही है। ईरान पर हुए हालिया हमलों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष जल्द समाप्त होने के संकेत दिए हैं, लेकिन निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। यही कारण है कि सुरक्षित निवेश की तलाश में लोग जोखिम वाले इक्विटी मार्केट से हाथ खींच रहे हैं।
मार्केट कैप में बड़ी सेंध: बुधवार की इस गिरावट से बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन मंगलवार के 447 लाख करोड़ रुपये से घटकर 441.90 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो लगभग 2,277 शेयरों में गिरावट आई, जबकि केवल 1,807 शेयर ही हरे निशान में रहे। स्मॉलकैप इंडेक्स में मामूली बढ़त जरूर दिखी, लेकिन मिडकैप शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, जिससे यह साफ है कि बाजार फिलहाल बड़े ग्लोबल और घरेलू दबावों के बीच संघर्ष कर रहा है।